जब अश्विनी भावे ने ब्रेक को बनाई ताकत, नए स्किल्स के साथ की दमदार वापसी


मुंबई, 6 मई (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा के 90 के दशक में अभिनेत्री अश्विनी भावे का बोलबाला था। उन्होंने अपनी दमदार फिल्मों से एक अलग पहचान बनाई। हालांकि, एक समय ऐसा भी आया, जब वह अचानक फिल्मों से दूर हो गईं। उनके इस फैसले के पीछे एक बड़ा और सोच-समझकर लिया गया कदम छिपा था। उन्होंने अपने करियर के बीच में ब्रेक लेकर खुद को नई दिशा दी और फिल्ममेकिंग की पढ़ाई करके कैमरे के पीछे की दुनिया को भी समझा।

अश्विनी भावे का जन्म 7 मई 1967 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता कॉलेज में प्रोफेसर थे और मां एक शिक्षिका थीं। बचपन से ही अश्विनी को अभिनय में रुचि थी और उन्होंने स्कूल के समय से ही नाटक करना शुरू कर दिया था। उनकी शुरुआती पढ़ाई मुंबई में ही हुई और बाद में उन्होंने फिलॉसफी की पढ़ाई की। इसी दौरान उन्हें थिएटर में काम करने का मौका मिला, जिसने उनके करियर की नींव रखी।

अभिनय की दुनिया में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्मों से की। उनकी पहली फिल्म ‘शाबास सुंबाई’ थी, जिसमें उनके काम को काफी सराहा गया। इसके बाद उन्होंने ‘अशी ही बनवा बनवी’, ‘कलत नकलत’ और ‘एक रात्र मंतरलेली’ जैसी फिल्मों में काम किया और धीरे-धीरे वह मराठी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री बन गईं। उनकी खासियत यह थी कि वह हर किरदार को बहुत सादगी के साथ निभाती थीं।

साल 1991 में उन्होंने हिंदी सिनेमा में फिल्म ‘हिना’ के जरिए कदम रखा, जिसमें उन्होंने ऋषि कपूर के साथ काम किया। यह फिल्म उनके करियर के लिए बड़ा मोड़ साबित हुई और उन्हें देशभर में पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने ‘सैनिक’, ‘मीरा का मोहन’, ‘जख्मी दिल’, ‘कायदा कानून’ और ‘बंधन’ जैसी फिल्मों में काम किया। खासकर ‘सैनिक’ में अक्षय कुमार के साथ उनकी जोड़ी को काफी पसंद किया गया।

उनका करियर काफी अच्छा चल रहा था, लेकिन उन्होंने एक समय के बाद फिल्मों से दूरी बना ली। इस फैसले ने उनके फैंस को हैरान कर दिया, लेकिन इसके पीछे उनका एक बड़ा मकसद था। उन्होंने अमेरिका जाकर फिल्ममेकिंग की पढ़ाई की और खुद को एक नई दिशा में तैयार किया। इस दौरान उन्होंने कैमरे के पीछे की तकनीक, कहानी कहने का तरीका और फिल्म बनाने की बारीकियां सीखी।

कुछ सालों के ब्रेक के बाद उन्होंने फिर से वापसी की और मराठी फिल्मों में काम किया। कमबैक कर उन्होंने फिल्म ‘कदाचित’ में काम किया। इसके बाद उन्होंने ‘ध्यानीमनी’ और ‘मांझा’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। अश्विनी ने ओटीटी की दुनिया को भी आजमाया और वेब सीरीज ‘द रायकर केस’ में नजर आईं। अपने करियर के दौरान अश्विनी भावे को कई पुरस्कार भी मिले हैं। उन्हें महाराष्ट्र स्टेट फिल्म अवॉर्ड समेत अन्य सम्मान से नवाजा गया।

–आईएएनएस

पीके/एबीएम


Show More
Back to top button