विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार कल कर सकती है मंत्रिमंडल का विस्तार

चेन्नई, 20 मई (आईएएनएस)। सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कज़गम सरकार गुरुवार को अपने पहले कैबिनेट विस्तार की तैयारी कर रही है। यह कदम एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य गठबंधन की उम्मीदों, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को साधना है।
सूत्रों के अनुसार, गुरुवार सुबह संभावित शपथ ग्रहण समारोह से पहले मंत्रियों की सूची को लेकर परामर्श का अंतिम दौर पूरा किया जाएगा।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, जो वर्तमान में अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, इस विस्तार से जुड़ी औपचारिकताओं की देखरेख के लिए बुधवार शाम चेन्नई पहुंचने की उम्मीद है।
सत्ताधारी खेमे के सूत्रों के अनुसार, सरकार विस्तारित मंत्रिमंडल में अपने गठबंधन सहयोगी कांग्रेस को भी जगह दे सकती है। कांग्रेस के दो विधायक मंत्री पद के प्रमुख दावेदार के रूप में सामने आए हैं।
सी.वी. शनमुगम और एस.पी. वेलुमणि के नेतृत्व वाले एआईएडीएमके गुट के सदस्यों को कैबिनेट में जगह मिलने की अटकलों के बावजूद, सूत्रों ने बताया कि सत्ताधारी नेतृत्व ने कांग्रेस, वामपंथी दलों और विदुथलाई चिरुथाइगल काची सहित गठबंधन सहयोगियों के कड़े विरोध के बाद इस कदम से पीछे हटने का फैसला किया है।
एक वरिष्ठ मंत्री ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि एआईएडीएमके विधायकों को कैबिनेट में शामिल करने पर कभी कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विधानसभा में विश्वास मत के दौरान उनका समर्थन केवल राजनीतिक समर्थन था, जो सदन में दिया गया था।
सरकार के करीबी सूत्रों ने बताया कि कानूनी सलाहकारों और गठबंधन सहयोगियों ने ऐसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील फैसले लेने से पहले सावधान रहने की सलाह दी थी। इससे सरकार के कार्यकाल की शुरुआत में ही अस्थिरता पैदा होने की आशंका थी।
इस बीच, टीवीके के भीतर कथित तौर पर जोरदार लॉबिंग शुरू हो गई है, जिसमें पहली बार विधायक बने कई सदस्य और पार्टी के प्रभावशाली पदाधिकारी कैबिनेट में जगह पाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
इस विस्तार से उच्च शिक्षा, राजस्व, परिवहन और समाज कल्याण सहित 20 से अधिक प्रमुख सरकारी विभागों में मंत्रियों की कमी की समस्या का भी समाधान होने की उम्मीद है।
कृषि, आवास और शहरी विकास, पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी, श्रम कल्याण, मत्स्य पालन और पर्यावरण जैसे कई अन्य विभाग अभी भी औपचारिक रूप से नियुक्त मंत्रियों के बिना हैं।
सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि कुछ विभाग फिलहाल मौजूदा मंत्रियों की अनौपचारिक देखरेख में काम कर रहे हैं। अधिकारी औपचारिक रूप से विभागों का बंटवारा होने से पहले ही फाइलों की समीक्षा कर रहे हैं और जरूरी चर्चाएं कर रहे हैं।
–आईएएनएस
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