व्हाइट हाउस इवेंट में बंदूकधारी के 'टारगेट' पर थे ट्रंप प्रशासन के अधिकारी


वाशिंगटन, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान सुरक्षा तोड़कर घुसने वाले एक हमलावर ने हमले से कुछ मिनट पहले एक दस्तावेज भेजा था। इसमें उसने ट्रंप प्रशासन के लोगों को अपना टारगेट बताया था। इस घटना के बाद अमेरिका में राजनीतिक हिंसा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

यह आरोपी कैलिफोर्निया के टॉरेंस शहर का 31 साल का एक शिक्षक बताया जा रहा है। उसने हमले से ठीक पहले अपने परिवार के लोगों को यह दस्तावेज ईमेल किया था। उस समय वहां करीब 2500 लोग मौजूद थे, जिनमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, प्रथम महिला, उपराष्ट्रपति और कई बड़े अधिकारी शामिल थे।

एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने वह दस्तावेज देखा है और हमलावर को “कट्टरपंथी” और “मानसिक रूप से अस्वस्थ” बताया।

अधिकारियों के अनुसार, उस दस्तावेज में सरकार के अधिकारियों का सीधे तौर पर जिक्र किया गया था और उन्हें निशाना बताया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि हमलावर की विचारधारा भी समय के साथ बदलती रही है। ट्रंप के अनुसार, वह पहले ईसाई धर्म को मानने वाला था, लेकिन बाद में वह इसके खिलाफ हो गया और उसके विचारों में काफी बदलाव आया।

खबरों के मुताबिक, परिवार के सदस्यों ने पहले भी उसके बारे में चिंता जताई थी। ट्रंप ने कहा, “उसके भाई ने उसके बारे में शिकायत की थी और मुझे लगता है कि उसने पुलिस को भी इसकी सूचना दी थी। इसी तरह, उसकी बहन ने भी उसके बारे में शिकायत की थी। उसका परिवार बहुत चिंतित था।”

यह भी पता चला कि हमलावर ने पहले से ही कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। उसने लिखा था कि उसने जगह की जांच की थी और वहां की सुरक्षा में कमियों की बात कही थी। उसने निगरानी और हथियारबंद सुरक्षा की कमी को लापरवाही बताया।

हालांकि, इस घटना के बावजूद ट्रंप ने सुरक्षाकर्मियों की तारीफ की और कहा कि उन्होंने बहुत अच्छा काम किया और हमलावर को जल्दी काबू कर लिया।

यह घटना वॉशिंगटन के एक होटल में हुई, जहां हर साल यह डिनर आयोजित होता है। इसमें बड़े नेता, पत्रकार और अन्य प्रमुख लोग शामिल होते हैं। गोली चलने के बाद हॉल में अफरा-तफरी मच गई और लोग जमीन पर लेट गए।

ट्रंप ने कहा कि हमलावर बहुत तेजी से भागा और कुछ ही सेकंड में आगे बढ़ गया, जिससे वह कैमरे में धुंधला सा दिखाई दे रहा था। इस घटना में किसी की मौत नहीं हुई। अधिकारियों ने बताया कि एक सुरक्षा एजेंट बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने के कारण सुरक्षित रहा और राष्ट्रपति सहित सभी बड़े लोगों को तुरंत वहां से बाहर निकाल लिया गया।

इंटरव्यू के अनुसार, संदिग्ध के लिखे हुए लेखों में राजनीतिक शिकायतों का भी ज़िक्र था, जिसमें ट्रंप की आलोचना और “नो किंग्स” जैसे विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेना शामिल था। ट्रंप ने कहा कि इस तरह की घटनाओं के पीछे बढ़ती नफरत का माहौल जिम्मेदार है और उन्होंने कहा कि वह कोई राजा नहीं हैं।

–आईएएनएस

एएस/


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