21 साल में 13 गुना बढ़ा ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार, 1.17 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा आंकड़ा: वाणिज्य सचिव

गांधीनगर, 16 मई (आईएएनएस)। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने शनिवार को कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच माल व्यापार (मर्चेंडाइज ट्रेड) में पिछले 21 वर्षों में 13 गुना बढ़ोतरी हुई है, जो 2003 में 84 अरब डॉलर से बढ़कर 2024 में 1.17 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार की यह वृद्धि वैश्विक व्यापार की तुलना में अधिक तेज रही है और इससे सदस्य देशों को ज्यादा मजबूती और व्यापार में विविधता हासिल करने में मदद मिली है।
गांधीनगर में व्यापार और आर्थिक मुद्दों पर आयोजित ब्रिक्स संपर्क समूह (सीजीईटीआई) की दूसरी बैठक में बोलते हुए राजेश अग्रवाल ने कहा कि ब्रिक्स लगातार मजबूत होता गया है और अब उभरती अर्थव्यवस्थाओं तथा विकासशील देशों की आकांक्षाओं और प्राथमिकताओं की एक प्रभावशाली आवाज बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि बढ़ते संरक्षणवाद, भू-राजनीतिक तनाव, सप्लाई चेन में बाधाओं, महंगाई के दबाव और बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद हासिल हुई है।
हालांकि, वाणिज्य सचिव ने यह भी कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार अभी भी वैश्विक व्यापार का करीब 5 प्रतिशत ही है। इससे यह संकेत मिलता है कि व्यापार एकीकरण, वैल्यू चेन साझेदारी और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की बड़ी संभावनाएं अभी बाकी हैं।
सीजीईटीआई की बैठक में भारत की ब्रिक्स देशों के साथ व्यापारिक भागीदारी पर भी चर्चा हुई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में ब्रिक्स सदस्य देशों को भारत का वस्तु निर्यात करीब 82 अरब डॉलर रहा, जबकि कैलेंडर वर्ष 2024 में सेवाओं का निर्यात 31.3 अरब डॉलर रहा।
मंत्रालय ने कहा कि ये आंकड़े बताते हैं कि ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार को और बढ़ाने की काफी गुंजाइश है, जिसमें सेवा क्षेत्र और कनेक्टिविटी भविष्य की वृद्धि के महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं।
मार्च 2026 में वर्चुअल माध्यम से आयोजित पहली सीजीईटीआई बैठक के बाद यह सीजीईटीआई की दूसरी बैठक थी।
“लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के निर्माण” विषय पर आयोजित इस बैठक में पिछले अध्यक्ष देशों द्वारा किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
भारत ने 2012, 2016 और 2021 के बाद चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली है। बैठक में बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को मजबूत करने, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने, रोजगार सृजन, वैश्विक वैल्यू चेन को अधिक मजबूत और विविध बनाने तथा सेवा व्यापार के विस्तार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में यह भी विचार किया गया कि ब्रिक्स देशों के बीच अधिक संतुलित व्यापार कैसे बढ़ाया जाए, सेवा क्षेत्र में नए अवसर कैसे पैदा किए जाएं, और किसानों, महिलाओं, उद्यमियों तथा कारोबारियों की समृद्धि के लिए आपसी व्यापार को कैसे मजबूत बनाया जाए।
–आईएएनएस
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