शीर्ष भारतीय बैंकों ने विदेशी मुद्रा में जमा पर बढ़ाई ब्याज दर

मुंबई, 11 जून (आईएएनएस)। शीर्ष भारतीय बैंकों ने विदेशी मुद्रा में जमा (फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट -एफसीएनआर (बी) डिपाजिट) विशेष रूप से अमेरिकी डॉलर जमा पर ब्याज दर को बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत तक कर दिया है। इनमें भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) और यस बैंक का नाम शामिल है।
भारतीय बैंकों ने यह फैसला भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा विदेशी मुद्रा आकर्षित करने के लिए उठाए गए कदमों के बाद लिया है।
इससे पहले लंबी अवधि के अमेरिकी डॉलर एफसीएनआर (बी) डिपाजिट पर ब्याज दर करीब 3.35 प्रतिशत थी।
देश के सबसे बड़े बैंक, एसबीआई ने एफसीएनआर (बी) एडवांटेज डिपॉजिट स्कीम शुरू की है। इस स्कीम के तहत, 1 मिलियन डॉलर तक की जमा राशि पर 3 साल से 4 साल से कम की अवधि के लिए 5.25 प्रतिशत, 4 साल से 5 साल से कम की अवधि के लिए 5.50 प्रतिशत और 5 साल की अवधि के लिए 5.75 प्रतिशत ब्याज मिलेगा।
एक मिलियन डॉलर से ज्यादा की जमा राशि पर, एसबीआई पांच साल की अवधि के लिए 6 प्रतिशत तक ब्याज दे रहा है।
एसबीआई के अनुसार, नई स्कीम के तहत एफसीएनआर (बी) डिपॉजिट के पहले साल में पैसे निकालने की इजाजत नहीं है। एक साल के बाद लेकिन तीन साल से पहले पैसे निकालने पर, जितने समय तक डिपॉजिट बैंक के पास रहा, उस अवधि के लिए 3.50 प्रतिशत ब्याज मिलेगा।
इसी तरह, बैंक ऑफ बड़ौदा ने यूएस डॉलर, ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग, यूरो, ऑस्ट्रेलियन डॉलर और कैनेडियन डॉलर जैसी प्रमुख विदेशी मुद्राओं के लिए एफसीएनआर (बी) दरों में बदलाव किया है।
इस स्कीम के तहत, ग्राहक यूएस डॉलर डिपॉजिट पर 6 प्रतिशत तक, पाउंड स्टर्लिंग और ऑस्ट्रेलियन डॉलर डिपॉजिट पर 4.75 प्रतिशत, कैनेडियन डॉलर डिपॉजिट पर 5.15 प्रतिशत और यूरो डिपॉजिट पर 3.75 प्रतिशत तक ब्याज कमा सकते हैं।
बैंक ऑफ बड़ौदा की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बीना वाहीद ने कहा कि आरबीआई के हालिया उपायों ने बैंकों के लिए एनआरआई समुदाय के लिए अपनी एफसीएनआर (बी) पेशकशों को मजबूत करने के लिए एक अनुकूल माहौल बनाया है।
उन्होंने कहा, “यह कदम एफसीएनआर (बी) डिपॉजिट को आकर्षित करने और भारतीय रुपए को मजबूत करने के मकसद से उठाया गया एक सोच-समझकर और कई स्तरों पर किया गया उपाय है।”
इस बीच, यस बैंक ने प्रमुख लेंडर्स में सबसे अधिक एफसीएनआर (बी) दरों की घोषणा की है, जो यूएस डॉलर डिपॉजिट पर सालाना 6.60 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है।
गुरुवार से लागू होने वाले नए स्ट्रक्चर के तहत, तीन साल से चार साल से कम अवधि वाले डिपॉजिट पर 6.50 प्रतिशत, चार साल से पांच साल से कम अवधि वाले डिपॉजिट पर 6.55 प्रतिशत और पांच साल वाले डिपॉजिट पर 6.60 प्रतिशत ब्याज मिलेगा।
खास बात यह है कि सेंट्रल बैंक ने हाल ही में एफसीएनआर (बी) डिपॉजिट और विदेशी कर्ज से जुड़े नियमों में ढील दी है, जिससे बैंकों को एनआरआई से विदेशी मुद्रा फंड जुटाने में ज्यादा आसानी होगी।
नई दरों से बैंकों को एनआरआई से ज्यादा विदेशी मुद्रा डिपॉजिट आकर्षित करने में मदद मिलेगी, साथ ही देश की बाहरी वित्तीय स्थिति को सहारा मिलेगा और विदेशी मुद्रा का प्रवाह मजबूत होगा।
–आईएएनएस
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