उत्तर बनाम दक्षिण बहस से थक चुका हूं, भाषा नहीं, कहानी और काम मायने रखता है : बोमन ईरानी


मुंबई, 20 मई (आईएएनएस)। अभिनेता बोमन ईरानी की फिल्म ‘पेड्डी’ सिनेमाघरों में रिलीज को तैयार है। फिल्म को लेकर उत्साहित अभिनेता प्रमोशन में व्यस्त भी हैं। इस बीच उन्होंने साउथ बनाम उत्तर सिनेमा की बहस पर अपनी राय रखी। अभिनेता का स्पष्ट तौर पर मानना है कि हम सब भारतीय हैं और इंडस्ट्री में भाषा नहीं बल्कि कहानी और काम मायने रखता है।

उन्होंने भारतीय सिनेमा जगत में लंबे समय से चली आ रही उत्तर भारत बनाम दक्षिण भारत की बहस पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इस बंटवारे से वह पूरी तरह थक चुके हैं और बताया कि आखिरकार हम सब एक हैं- हम सब भारतीय हैं।

आईएएनएस से बातचीत के दौरान बोमन ईरानी ने बताया, “सच कहूं तो, मैं अब इस उत्तर-दक्षिण भारत की बहस से ऊब चुका हूं। आखिरकार, हम सब भारतीय ही तो हैं। देश में हर 200 किलोमीटर पर भाषा बदल जाती है लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि कोई किसी दूसरे को विदेशी समझे।”

बोमन ने कहा, “दिल्ली का रहने वाला व्यक्ति मुझसे अलग तरह की हिंदी बोलेगा लेकिन सिनेमा वही रहता है। इंसानियत वही रहती है और इस देश से प्यार करने वाले लोग भी वही हैं। आज भारतीय सिनेमा क्षेत्रीय सीमाओं से बहुत आगे निकल चुका है। अलग-अलग भाषाओं में बनी फिल्में पूरे देश के साथ ही दुनिया में भी सराही जा रही है।

अपनी अपकमिंग फिल्म ‘पेड्डी’ का उदाहरण देते हुए बोमन ने कहा, “हैदराबाद में बनी फिल्म का प्रचार करने के लिए लोग मुंबई आ रहे हैं। यह हमारे खूबसूरत देश का ही हिस्सा है।”

बोमन ईरानी ने अभिनय की गहराई पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भाषा चाहे हिंदी हो, अंग्रेजी हो या मराठी, अभिनेता को संवाद के अंदरूनी अर्थ यानी सबटेक्स्ट को समझना चाहिए। आप पहले अपनी भाषा में सोचिए, फिर उसे कहिए। दर्शकों तक भाव पहुंच जाना चाहिए।”

‘मुन्ना भाई एमबीबीएस.’, ‘3 ईडियट्स’, ‘खोसला का घोषला’, ‘डॉन’ और ‘पीके’ जैसी फिल्मों में अपनी जबरदस्त कॉमिक टाइमिंग और अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाले बोमन ईरानी की अपकमिंग फिल्म ‘पेड्डी’ में राम चरण, जान्हवी कपूर और दिव्येंदु शर्मा भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म 4 जून को रिलीज होने वाली है।

–आईएएनएस

एमटी/पीएम


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