भारत के लिए असली चिंता बैटिंग नहीं, बल्कि बॉलिंग कॉम्बिनेशन है: नासिर हुसैन


नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 12 जून से होने जा रही है, जिसमें 12 टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी। इंग्लैंड पुरुष क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन का मानना है कि विमेंस टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारत के लिए चिंता की बात बैटिंग की ताकत नहीं है। चिंता का विषय यह है कि वे अपने बॉलिंग कॉम्बिनेशन को कैसे मजबूत करते हैं और बनाए गए स्कोर का बचाव कैसे करते हैं।

भारत 14 जून को एजबेस्टन में पाकिस्तान के खिलाफ हाई-वोल्टेज मैच के साथ अपना अभियान शुरू करेगा। कप्तान हरमनप्रीत कौर के पास कई विकल्प होंगे। सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर अमनजोत कौर और काशवी गौतम की गैर-मौजूदगी में, बॉलिंग कॉम्बिनेशन तय करना भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।

दीप्ति शर्मा, श्री चरणी, अरुंधति रेड्डी और रेणुका सिंह ठाकुर का चुना जाना लगभग तय लग रहा है, जबकि राधा यादव, श्रेयांका पाटिल और नंदिनी शर्मा भी दौड़ में हैं।

आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के एक्सपर्ट हुसैन ने गुरुवार को ‘जियोस्टार’ पर ‘आईएएनएस’ से कहा, “मुझे नहीं लगता कि भारत की बैटिंग में कोई समस्या है। मुझे लगता है कि यहां अपने पूरे दौरे पर उन्होंने काफी अच्छी बैटिंग की है। बॉलिंग के मामले में उनका फॉर्मूला… वे 170 रन का बचाव नहीं कर पा रहे हैं या विरोधी टीम 170-180 रन बना रही है, जिससे वे थोड़े दबाव में आ जाते हैं। इसलिए, मुझे उनकी निडर बैटिंग और बैटिंग में गहराई पसंद है। मुझे ऋचा घोष का फिनिशर के तौर पर खेलना पसंद है। इसलिए, मुझे लगता है कि असली चुनौती फील्डिंग और बॉलिंग में है। वे कैसे खेलते हैं? क्या वे शेफाली का इस्तेमाल छठे या पांचवें बॉलर के तौर पर करते हैं? वे नई गेंद किसे देंगे? मुझे लगता है कि ये सबसे अहम मुद्दे हैं। चिंता की बात नहीं है, लेकिन अगर आप मुझसे पूछें कि टीम मीटिंग में क्या हो रहा है, तो वे सबसे ज्यादा गेंदबाजी के कॉम्बिनेशन के बारे में सोच रहे होंगे।”

भारतीय टीम इस वर्ल्ड कप अपनी मजबूत बैटिंग लाइन-अप पर भरोसा करेगी। कप्तान हरमनप्रीत, स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, यास्तिका भाटिया, जेमिमा रोड्रिग्स और ऋचा घोष सभी तेजी से रन बनाने में सक्षम हैं।

नासिर हुसैन ने कहा, “मैंने इसे तुरंत देखा। मैंने चेम्सफोर्ड में टी20 सीरीज का पहला मैच कवर किया था, और पहली ही गेंद से, उन्होंने शुरुआत में ही कुछ विकेट गंवा दिए। मुझे लगता है कि उन्होंने पहले ओवर में ही दो विकेट गंवा दिए थे, और फिर आमतौर पर जेमिमा संभलकर खेलती हैं, लेकिन वह जोरदार शॉट लगाने लगीं, और यास्तिका ने भी जोरदार शॉट लगाए।”

हुसैन ने कहा, “वे निश्चित रूप से इसे महसूस करने की कोशिश कर रहे हैं। टी20 क्रिकेट का चलन ही ऐसा है। यह बस ऐसा ही है। अगर आपके पास बैटिंग में गहराई है- जैसा कि हमने आईपीएल में ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के साथ देखा, क्योंकि अब लोगों को एहसास हो गया है कि वे बाउंड्री पार शॉट मार सकते हैं और डब्ल्यूपीएल में भी अब बहुत सारे बाउंड्री हिटर्स हैं, तो मुझे लगता है कि वे इसी तरह खेल रहे हैं।”

नासिर हुसैन को यह भी लगता है कि ऋचा पाकिस्तान को हराने और अपने अभियान की शानदार शुरुआत करने की भारत की कोशिशों में अहम भूमिका निभाएंगी। विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद से टी20 अंतरराष्ट्रीय में ऋचा का स्ट्राइक रेट 163 रहा है, जो टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली और उस दौरान 350 रन बनाने वाली बल्लेबाजों में सबसे अच्छा है।

उन्होंने कहा, “ऋचा भारत के लिए बेहद अहम हैं। हमने देखा कि साउथ अफ्रीका में दीप्ति की बल्लेबाजी थोड़ी लड़खड़ा गई थी, तो सारा दारोमदार ऋचा पर आ गया था। ऐसा नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे उन पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है। लेकिन उनके जैसा फिनिशर होना (बहुत बड़ी बात है) – किसी भी बेहतरीन T20 टीम में, चाहे वह पुरुषों की हो या महिलाओं की, बेहतरीन फिनिशर होते हैं। आपके पास ओपनर्स होते हैं, जैसे स्मृति मंधाना या कोई और, लेकिन आपको एक ऐसे फिनिशर की जरूरत होती है जो 20 गेंदों में 40 रन बना सके, और ऋचा निश्चित रूप से ऐसा कर सकती हैं।”

हुसैन ने यह भी माना कि ऋचा का रोल ऐसा है जिसमें रिस्क और उतार-चढ़ाव दोनों हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि उनकी बैटिंग में मैच जिताने की काबिलियत उन्हें भारतीय बैटिंग लाइन-अप में बहुत जरूरी बनाती है। उन्होंने हा, “कुछ समय ऐसा भी आएगा जब उनका रोल अजीब लगेगा क्योंकि कभी-कभी वह आउट हो जाएंगी। कुछ दिन पहले वह रिप्लेसमेंट के तौर पर या किसी और वजह से खेलने आईं थीं। उन्होंने किसी को (यस्तिका को) रिटायर आउट कराया और वह खेलने आईं। मुझे लगता है कि वह पहली ही गेंद पर आउट हो गईं। कभी-कभी आपको लगेगा कि ‘इतना शोर-शराबा क्यों हो रहा है’? दो मैचों में उन्होंने हवा में शॉट मारने की कोशिश की और आउट हो गईं। फिर तीसरे मैच में आपको पता चलेगा कि इतनी चर्चा क्यों हो रही है। मैंने 50-ओवर वर्ल्ड कप में देखा था कि वह कैसे खेलने आईं, और विशाखापत्तनम में नादिन डी क्लार्क के खिलाफ भी देखा था।

उन्होंने कहा, “ऐसे क्रिकेटर जो आखिर में आकर पारी खत्म कर सकते हैं। विरोधी टीम के कप्तान के तौर पर, मैं सोचता हूं कि ठीक है, मैं भारत को 150 रन पर रोक रहा हूं, हम अच्छा खेल रहे हैं, और तभी वह आती हैं और स्कोर 180-190 तक पहुंचा देती हैं। वह शानदार हैं। उनकी कीपिंग भी बहुत अच्छी है। उनका भविष्य बहुत उज्ज्वल है। हर टीम उन्हें अपनी टीम में शामिल करना चाहेगी।”

भारती फुलमाली का समर्थन करते हुए हुसैन ने कहा, “मुझे फुलमाली पसंद हैं। वह क्रिकेट बॉल को जोरदार तरीके से हिट करने वाली खिलाड़ी हैं। इस फॉर्मेट में ऐसे खिलाड़ियों की बहुत अहमियत होती है, क्योंकि अगर कोई खिलाड़ी उनकी तरह छक्के और चौके लगा सकती है, तो यह बहुत बड़ी बात है। मेरा तो यही कहना है कि एक अतिरिक्त बल्लेबाज को खिलाना चाहिए, या शायद दो अतिरिक्त बल्लेबाजों को। हो सकता है कि वे उन्हें खिलाएं- कौन जानता है? लेकिन मुझे वह पसंद हैं। वह आपको निराश नहीं करेंगी। वह आखिर में छक्के और चौके लगाएंगी।”

–आईएएनएस

आरएसजी


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