यूसीसी भाजपा के मेनिफेस्टो का मुख्य एजेंडा, हर हाल में होगा लागू: सुकांत मजूमदार


कोलकाता, 28 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की सरकार प्रदेश में यूसीसी लागू करने वाली है। सरकार का मानना है कि बंगाल को इसकी सख्त जरूरत है। भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान यूसीसी को अपने मेनिफेस्टो के मुख्य एजेंडे के तौर पर प्रस्तुत किया था। केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि हमने कहा था कि सरकार बनेगी तो यूसीसी लागू करेंगे।

कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि हमने अपने मैनिफेस्टो में साफ-साफ लिखा था कि हम यूसीसी लागू करेंगे। कई पॉलिटिकल पार्टियों पर अक्सर आरोप लगता है कि वे अपने मैनिफेस्टो में किए गए वादे भूल जाती हैं। हम सही काम कर रहे हैं और अपने मैनिफेस्टो में जो लिखा था, उसे लागू कर रहे हैं। यूसीसी बहुत जरूरी है और भारतीय संविधान की मूल भावना के मुताबिक है। यूसीसी लागू होने से भेदभाव खत्म होगा और इसके अच्छे नतीजे मिलेंगे।

सुकांत मजूमदार ने कहा कि यूसीसी लागू होने से हिन्दुओं और मुसमलानों के अलग-अलग कानून का सिस्टम खत्म हो जाएगा। सीएम सुवेंदु अधिकारी ने अपने पिछली विधानसभा भाषण में कहा था कि सरकार हिंसा, मारपीट और आगजनी करने वाले दंगाइयों और बदमाशों से सख्ती से निपटने के लिए एक नया कानून लाने की योजना बना रही है, जिसमें रेलवे स्टेशन जलाने जैसी घटनाएं भी शामिल हैं।

मजूमदार ने कहा कि आने वाले समय मेंप्रस्तावित कानून के तहत ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और सरकार से कानून लाने की अनुमति देने का आग्रह किया।

टीएमसी के अंदरूनी झगड़े पर सुकांत मजूमदार ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस दो धड़ों में बंट गई है। कौन किसे हटाता है या पार्टी का निशान कौन ले जाता है, यह उनका मामला है।

एक्स पोस्ट में पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम का जिक्र करते हुए मजूमदार ने लिखा कि पीएम मोदी ने कार्यक्रम में देश के सामने मेघालय के अनोखे कुदरती अजूबे ‘लिविंग रूट ब्रिजेज’ के बारे में बताया।

उन्होंने रबड़ के पेड़ों की जड़ों को पीढ़ियों से धैर्य से पालने और गाइड करने की शानदार परंपरा के बारे में बात की, जिससे ये अनोखे लिविंग ब्रिज बने हैं, जो कुदरत के साथ तालमेल बिठाकर काम करने वाली इंसानी काबिलियत का सबूत है। पीएम ने मेघालय के लोगों की उनके धैर्य, क्रिएटिविटी, कुदरत के प्रति गहरे सम्मान और पर्यावरण बचाने के लिए पक्के इरादे के लिए तारीफ की। उन्होंने कहा कि लिविंग रूट ब्रिजेज इस बात का एक प्रेरणा देने वाला उदाहरण हैं कि कैसे समुदायों और कुदरत के बीच एक अच्छा रिश्ता सच में कुछ खास बना सकता है। मोदी ने यह भी बताया कि मेघालय के लिविंग रूट ब्रिजेज को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा दिलाने की कोशिशें चल रही हैं, ताकि उनके शानदार कल्चरल और इकोलॉजिकल महत्व को पहचाना जा सके। क्लाइमेट चेंज से पैदा हो रही बढ़ती चुनौतियों के बावजूद मेघालय के मेहनती और कुदरत से प्यार करने वाले लोग इस अनोखी विरासत को बहुत लगन और हिम्मत के साथ बचाकर रख रहे हैं।

आगे लिखा कि आइए हम सब इस अनोखी कुदरती विरासत को देखने का मौका लें। अपने परिवार के साथ मेघालय जाएं और कुदरत, संस्कृति और समुदाय के मिलजुलकर रहने के इस प्रेरणा देने वाले निशान को खुद महसूस करें। आइए हम कुदरत से सीखें, उसके अनमोल तोहफों को संजोएं, और आने वाली पीढ़ियों के लिए उन्हें बचाने का अपना वादा फिर से पक्का करें।

–आईएएनएस

डीकेएम/वीसी


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