पटना में शोषित समाधान केंद्र के स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए राज्यपाल, युवाओं से बड़े सपने देखने का किया आह्वान


पटना, 16 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने गुरुवार को पटना स्थित शोषित समाधान केंद्र के 20वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, कड़ी मेहनत करने और देश सेवा के लिए सेना, पुलिस तथा अन्य सार्वजनिक सेवाओं में आगे आने का आह्वान किया।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि सफलता किसी व्यक्ति की पारिवारिक या आर्थिक पृष्ठभूमि से नहीं, बल्कि उसके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण से तय होती है। उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून की पासिंग आउट परेड में ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ प्राप्त करने वाले बिहार के लेफ्टिनेंट विशाल कुमार का उदाहरण देते हुए कहा कि मजबूत संकल्प और मेहनत के दम पर कोई भी युवा ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि बिहार रेजीमेंट के एक सिपाही के बेटे विशाल कुमार ने अपनी लगन से यह उपलब्धि हासिल की है।

राज्यपाल ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे हर परिस्थिति में अपने बच्चों की शिक्षा और उनके सपनों का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि माता-पिता चाहे स्वयं अपने जीवन में जो हासिल कर पाए हों या नहीं, लेकिन उन्हें अपने बच्चों को उनसे आगे बढ़ने का अवसर जरूर देना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का मकसद केवल ज्ञान देना या परीक्षाओं में अच्छे अंक हासिल कराना नहीं है, बल्कि ऐसे जिम्मेदार, संवेदनशील और आत्मविश्वासी नागरिक तैयार करना है जो समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझें और सकारात्मक योगदान दें।

उन्होंने शोषित समाधान केंद्र द्वारा शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान ग्रामीण और वंचित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में अनुकरणीय भूमिका निभा रहा है।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों के अनुशासन, आत्मविश्वास और सीखने की ललक की भी प्रशंसा की। विज्ञान और अन्य विषयों से जुड़े प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने के दौरान विद्यार्थियों द्वारा अंग्रेजी में किए गए प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मातृभाषा के साथ-साथ अंग्रेजी जैसी अंतरराष्ट्रीय भाषा का ज्ञान भी आज के दौर में नई संभावनाओं के द्वार खोलता है।

उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में इस संस्थान के विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देंगे और देश का नाम रोशन करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उत्कृष्ट चित्रकला और कार्यक्रम संचालन के लिए कई विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की छोटी-छोटी उपलब्धियों की भी खुलकर सराहना की जानी चाहिए, क्योंकि प्रोत्साहन उन्हें आगे बढ़ने और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देता है।

समारोह में संस्थान के पदाधिकारी, शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में अन्य लोग उपस्थित रहे।

–आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी


Show More
Back to top button