प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने स्वदेशी टाइप-IV सीएनजी सिलेंडरों के व्यावसायीकरण के लिए एनटीएफ एनर्जी सॉल्यूशंस के साथ समझौता किया


नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत स्वच्छ ऊर्जा परिवहन को बढ़ावा देने, कार्बन उत्सर्जन को कम करने और स्वदेशी विनिर्माण को मजबूत करने के दृष्टिकोण के अनुरूप, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने “टाइप-IV सीएनजी सिलेंडर के व्यावसायीकरण के लिए विनिर्माण सुविधा की स्थापना” नामक परियोजना के लिए दिल्ली स्थित मेसर्स एनटीएफ एनर्जी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है। यह जानकारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से गुरुवार को दी गई।

मंत्रालय ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य अत्याधुनिक फिलामेंट वाइंडिंग, ब्लो मोल्डिंग और उच्च दबाव परीक्षण तकनीकों का उपयोग करते हुए स्वदेशी रूप से विकसित टाइप-IV कंपोजिट सीएनजी सिलेंडरों के उत्पादन और व्यावसायीकरण के लिए एक उन्नत विनिर्माण सुविधा स्थापित करना है। इस पहल से स्वच्छ परिवहन और उभरते ऊर्जा अनुप्रयोगों के लिए उन्नत गैस भंडारण प्रणालियों में भारत की घरेलू क्षमताओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

टाइप-IV कंपोजिट सिलेंडर पारंपरिक स्टील सिलेंडरों का अगली पीढ़ी का विकल्प हैं और इनसे वजन में 75 प्रतिशत तक की कमी आती है जिससे वाहन की दक्षता बढ़ती है और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आती है। इन सिलेंडरों को जंग-रोधी पॉलीमर लाइनर, अनुकूलित सीएफआरपी लेआउट और उन्नत मैकेनिकल लॉकिंग सिस्टम के साथ डिजाइन किया गया है ताकि बेहतर सुरक्षा व टिकाऊपन सुनिश्चित हो और रिसाव, कंपन न हो। इसका डिज़ाइन 600 बार से अधिक का विस्फोट दबाव प्राप्त करता है, जो निर्धारित नियामक आवश्यकताओं से काफी अधिक है, जिससे मजबूत परिचालन सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

यह तकनीक एनटीएफ एनर्जी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित की गई है और इसे भारत के तेजी से बढ़ते सीएनजी मोबिलिटी इकोसिस्टम को सहयोग देने के लिए डिजाइन किया गया है। यह परियोजना सरकार के सतत परिवहन, स्वच्छ ईंधन और उन्नत मोबिलिटी घटकों के घरेलू विनिर्माण की दिशा में किए जा रहे व्यापक प्रयासों के अनुरूप भी है।

मंत्रालय ने बताया कि प्रस्तावित संयंत्र स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कच्चे माल और उन्नत विनिर्माण प्रक्रियाओं का उपयोग करके उच्च दबाव वाले मिश्रित सिलेंडरों के लिए लागत-प्रतिस्पर्धी और भविष्य के लिए तैयार उत्पादन प्रणाली का निर्माण करेगा। इस परियोजना से आयातित वस्तुओं के घरेलू उत्पादन, प्रौद्योगिकी आत्मनिर्भरता और देश में एक सुदृढ़ स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।

–आईएएनएस

एबीएस/


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