गाली-गलौज के बढ़ते चलन पर भड़के सुधांशु पांडे, बोले-'लोगों ने कूल दिखने का मतलब ही गलत समझ लिया'


मुंबई, 9 जुलाई (आईएएनएस)। टेलीविजन और फिल्म अभिनेता सुधांशु पांडे अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। वह अक्सर सामाजिक मुद्दों और इंडस्ट्री से जुड़े विषयों पर अपनी राय खुलकर रखते हैं। अब उन्होंने रियलिटी शोज और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती गाली-गलौज और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल पर चिंता जताई। सुधांशु का कहना है कि अगर इस तरह के व्यवहार को मनोरंजन के नाम पर बढ़ावा दिया जाता रहा, तो इसका समाज पर बहुत गलत असर पड़ेगा।

सुधांशु पांडे ने इंस्टाग्राम पर लाइव सेशन के दौरान इस मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा कि आजकल सोशल मीडिया और कुछ रियलिटी शोज में जिस तरह के कंटेंट को लोकप्रियता मिल रही है, वह उन्हें परेशान करता है।

सुधांशु ने कहा, ”लोग इंस्टाग्राम पर ऐसी चीजें पसंद कर रहे हैं, जिन्हें देखकर मुझे बहुत अजीब लगता है। ऐसी कई चीजें हैं जो तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। क्या हमारे देश की सोच इतनी बदल रही है? मैं यह नहीं कहूंगा कि सिर्फ नई पीढ़ी बदली है। शायद पिछली दो पीढ़ियों में भी काफी बदलाव आया है, क्योंकि लोग ऐसी चीजें पसंद कर रहे हैं, जो मेरे हिसाब से समाज के लिए नुकसानदायक हैं।”

अभिनेता ने बताया कि वह नियमित रूप से रियलिटी शोज नहीं देखते, लेकिन हाल ही में उन्होंने एक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आने वाले एक रियलिटी शो के कुछ वीडियो क्लिप देखे, जिन्हें देखकर वह हैरान रह गए।

उन्होंने कहा, ”हाल ही में मैंने एक ओटीटी चैनल के रियलिटी शो के कुछ क्लिप देखे। उसमें लोग खुलेआम एक-दूसरे को गालियां दे रहे थे। कई बार मुझे हैरानी होती है कि आजकल लड़कियां भी जरूरत से ज्यादा गाली देती नजर आती हैं, कई बार लड़कों से भी ज्यादा। मुझे लगता है कि लोगों ने कूल दिखने का मतलब ही गलत समझ लिया है।”

सुधांशु ने बिना किसी का नाम लिए मनोरंजन जगत की एक वरिष्ठ हस्ती और उनकी पत्नी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब इंडस्ट्री के बड़े और जाने-माने लोग भी स्क्रीन पर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे गलत उदाहरण जाता है।

उन्होंने कहा, ”मैंने देखा है कि इंडस्ट्री के एक बहुत वरिष्ठ अभिनेता की पत्नी, जो खुद भी एक बड़ी स्टार हैं और शो का हिस्सा हैं, वह भी खुले तौर पर दूसरों को अपशब्द कह रही हैं। हम दुनिया के सामने किस तरह का उदाहरण पेश कर रहे हैं? हम बड़े हो चुके हैं, इंडस्ट्री में हमारी जिम्मेदारी है। अगर हम युवा पीढ़ी के लिए अच्छा उदाहरण नहीं बन सकते, तो फिर हम क्या कर रहे हैं?”

अभिनेता ने निराशा जताते हुए कहा कि अगर किसी को अपनी पहचान बनाने के लिए दूसरों का अपमान करना और गाली देना ही जरूरी लगने लगा है, तो यह समाज के लिए चिंता की बात है।

उन्होंने कहा, ”अगर दूसरों को गाली देना और अपमानित करना ही खुद को दिखाने का एकमात्र तरीका बन गया है, तो मुझे लगता है कि एक समाज के रूप में हम पूरी तरह बर्बादी की ओर जा रहे हैं।”

सुधांशु ने कहा, ”शब्दों में बहुत ताकत होती है। आपके दो शब्द किसी की जिंदगी बदल सकते हैं। हमें हमेशा कोशिश करनी चाहिए कि हम सकारात्मक और जिम्मेदारी से बात करें, क्योंकि हमारे शब्दों में ऊर्जा होती है।”

सुधांशु पांडे ने रियलिटी शो बनाने वाले चैनलों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से भी अपील की कि मनोरंजन के नाम पर ऐसे कंटेंट को बढ़ावा न दिया जाए, जिसमें गाली-गलौज और अपमान को सामान्य दिखाया जाता है।

उन्होंने कहा, ”मैं टीवी चैनलों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से अनुरोध करना चाहता हूं कि रियलिटी शो के नाम पर ऐसा कंटेंट बनाना बंद करें। आज ऐसा लगता है कि सभी को सिर्फ नंबर चाहिए। उन नंबरों के लिए ऐसा कंटेंट बनाया जा रहा है और बड़े सितारे भी ऐसे लोगों को सपोर्ट करते नजर आते हैं, जिनका काम सिर्फ दूसरों को गाली देना और अपमानित करना है।”

उन्होंने आगे कहा, ”अगर किसी का असली व्यक्तित्व ही दूसरों का अपमान करना है, तो ऐसे माहौल में उन लोगों के लिए मुश्किल हो जाती है जो सम्मान और सकारात्मकता में विश्वास रखते हैं।”

–आईएएनएस

पीके/पीएम


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