साकेत में इमारत गिरने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल, एमसीडी पर लापरवाही का आरोप


नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। दिल्ली के साकेत इलाके में इमारत गिरने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल हुई है। अवैध निर्माण को लेकर एमिकस क्यूरी ने रिपोर्ट दाखिल की है।

रिपोर्ट में दिल्ली नगर निगम पर लगातार अनदेखी और लापरवाही का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही बिल्डिंग कानूनों के उल्लंघन पर सख्त एक्शन की मांग की गई है।स्टेटस रिपोर्ट में दिल्ली में अवैध निर्माणों के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई, भवन दुर्घटना की जवाबदेही तय करने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा दिलाने की मांग की गई है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी का कहना है कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की लापरवाही की वजह से दिल्ली के साकेत इलाके में बिल्डिंग गिरी, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई।

रिपोर्ट में एमिकस ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की कि दिल्ली की बाकी सभी इमारतों का भी संरचनात्मक ऑडिट कराया जाए। कोर्ट एमसीडी से जवाब-तलब करे कि यह अवैध इमारत इतने सालों तक कैसे बनती रही। जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई हो। पीड़ित परिवारों को मुआवजे और कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट कोर्ट में दी जाए।

30 मई को साकेत मेट्रो स्टेशन के पास सैदुलाजाब इलाके में बिल्डिंग गिर गई थी। घटना के बाद इलाके में भारी भीड़ और दहशत का माहौल बन गया था। दिल्ली फायर सर्विस को शाम करीब 7:44 बजे कॉल मिली थी, जिसके बाद तुरंत फायर टेंडर घटनास्थल पर भेजे गए। इसके बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया।

आसपास के लोगों को तुरंत सुरक्षित दूरी पर हटाया गया ताकि बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए। मलबे को हटाने के लिए मशीनों और हाथों दोनों का इस्तेमाल किया गया था। बिल्डिंग पास की एक कैंटीन पर गिरी, जहां कई लोग खाना खा रहे थे। इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे।

इस मामले में पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। इसके साथ ही 71 वर्षीय मकान मालिक करमबीर सेजवाल को गिरफ्तार किया गया है।

–आईएएनएस

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