उत्तर प्रदेश में बनेगा स्पेशलाइज्ड रेस्क्यू ग्रुप, आपदा और दुर्घटनाओं से निपटने के लिए तैयार होगी विशेषज्ञ टीम

लखनऊ, 8 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में आपदा प्रबंधन और राहत-बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग में स्पेशलाइज्ड रेस्क्यू ग्रुप (एसआरजी) का गठन किया जाएगा। यह विशेष टीम भवन ध्वस्त होने, बाढ़, रासायनिक दुर्घटनाओं, ऊंची इमारतों में फंसे लोगों के बचाव तथा संकरे स्थानों में राहत कार्य जैसे जटिल अभियानों में प्रशिक्षित और आधुनिक संसाधनों से लैस होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि बदलते शहरी और औद्योगिक परिवेश को देखते हुए आपदा प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक और सशक्त बनाया जाए। पहले चरण में प्रदेश के 10 जनपदों में एसआरजी की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 240 कर्मियों को एनडीआरएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ और अन्य विशेषज्ञ संस्थानों में उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से शहरीकरण और औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को भी आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित मानवबल से मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विभाग अब केवल आग बुझाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन, संपत्ति, उद्योगों और निवेश की सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश की 350 तहसीलों में से 296 तहसीलों में 326 स्थायी अग्निशमन केंद्र संचालित हैं। 26 नए केंद्र उद्घाटन के लिए तैयार हैं, जबकि 25 केंद्रों का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा 47 नए अग्निशमन केंद्रों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने शेष तहसीलों में भी अग्निशमन सेवाओं का विस्तार तेज करने के निर्देश दिए।
नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों में बढ़ती बहुमंजिला इमारतों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने हाईराइज भवनों के लिए विशेष अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026-27 में 102 मीटर क्षमता वाले 10, 90 मीटर क्षमता वाले 3 तथा 72 मीटर क्षमता वाले 7 हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदने की योजना है। साथ ही 100 मंजिल तक प्रभावी अग्निशमन क्षमता वाले 14 अत्याधुनिक फायर फाइटिंग वाहनों की खरीद भी प्रस्तावित है।
अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2017 के बाद से प्रदेश में अग्निशमन व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अग्निशमन केंद्रों की संख्या 140 से बढ़कर 260 हो गई है, जबकि फायर वाहनों की संख्या 750 से बढ़कर 1,660 तक पहुंच गई है। 400 अतिरिक्त वाहनों की खरीद प्रक्रिया भी जारी है। डायल-112 से एकीकरण, ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार और नई भर्तियों के माध्यम से विभाग की कार्यक्षमता में लगातार वृद्धि हुई है।
बैठक में फसलों में आग लगने की घटनाओं को रोकने, जनजागरूकता बढ़ाने और नियमित फायर ऑडिट सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अस्पतालों, स्कूलों, होटलों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और बहुमंजिला भवनों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। साथ ही निवेशकों की सुविधा के लिए फायर एनओसी प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर बल दिया।
सरकार का मानना है कि स्पेशलाइज्ड रेस्क्यू ग्रुप और आधुनिक अग्निशमन संसाधनों के जरिए प्रदेश में आपदा प्रबंधन की क्षमता को नई मजबूती मिलेगी और आपात स्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकेंगे।
–आईएएनएस
विकेटी/ एसएके