वजन बढ़ने पर भी डायबिटीज से पीड़ित लोगों में मौत का जोखिम कम : रिसर्च

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नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों को हमेशा सही शारीरिक वजन बनाए रखने की सलाह दी जाती है। हालांकि, नई रिसर्च के अनुसार, अगर 65 साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों का वजन थोड़ा बढ़ भी जाता है, तब भी हृदय रोग से मरने का जोखिम बहुत ज्यादा नहीं है।

यूके बायोबैंक के स्वास्थ्य डेटा पर आधारित निष्कर्ष बताते हैं कि 65 साल या उससे कम उम्र के वयस्कों के लिए, 23-25 की सामान्य सीमा के भीतर बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) बनाए रखना हृदय रोग से मरने के सबसे कम जोखिम से जुड़ा है।

लेकिन 65 वर्ष से ज्यादा उम्र वालों के लिए, 26-28 के बीएमआई के साथ मामूली रूप से थोड़ा ज्यादा वजन होने से जोखिम बहुत ज्यादा नहीं है।

चीन के जियानगयांग सेंट्रल हॉस्पिटल के डॉ. शाओयोंग जू ने कहा, ”रिसर्च में हमने बताया है कि टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों के लिए ऑप्टीमल बीएमआई कार्डियो-मेटाबोलिक रिस्क फैक्टर से उम्र के अनुसार अलग होता है।”

जू ने कहा, ”निष्कर्षों से पता चलता है कि वृद्ध व्यक्तियों के लिए जिनका वजन सामान्य से अधिक है, लेकिन वे मोटे नहीं हैं, उनके लिए वजन कम करने के बजाय वजन बनाए रखना हृदय रोग से मरने के जोखिम को कम करने का व्यावहारिक तरीका हो सकता है।”

हृदय रोगों के जोखिम को कम करने के लिए सही वजन बनाए रखना महत्वपूर्ण है, खास तौर से टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों के लिए।

शोधकर्ताओं ने टाइप 2 डायबिटीज के पिछले निदान वाले 22,874 यूके बायोबैंक प्रतिभागियों में बीएमआई और हृदय मृत्यु के जोखिम के बीच उम्र के अंतर का पता लगाया।

सभी प्रतिभागियों की औसत उम्र 59 वर्ष थी और लगभग 59 प्रतिशत महिलाएं थीं।

शोधकर्ताओं ने दो आयु समूहों बुजुर्ग (65 वर्ष से ज्यादा) और मध्यम आयु वर्ग (65 वर्ष या उससे कम उम्र) में डेटा का विश्लेषण किया।

लेखकों का कहना है कि भविष्य में, जोखिम को और अधिक कम करने के लिए सेंट्रल ओबेसिटी के उपायों का उपयोग किया जाएगा।

–आईएएनएस

पीके/एसकेपी

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