राम मंदिर ट्रस्ट में गोपाल राव की भूमिका पर सवाल, कल्कि राम और वरुण दास ने की कार्रवाई की मांग

अयोध्या, 1 जुलाई (आईएएनएस)। राम मंदिर से जुड़े विवाद के बीच गोपाल राव की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। साधु कल्कि राम और वरुण दास ने गोपाल राव पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उनका राम मंदिर ट्रस्ट में कोई योगदान नहीं है और उन्हें तत्काल वहां से हटाया जाना चाहिए। दोनों संतों ने उनकी भूमिका की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की।
साधु कल्कि राम ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि पूज्य दिनेंद्र दास ने गोपाल राव पर आरोप लगाया है कि यह व्यक्ति अच्छे नहीं लग रहे हैं। हाल ही में चढ़ावा चोरी के मामले के दौरान जब पत्रकारों ने गोपाल राव को घेरा, तब उन्होंने कहा था कि लगता है कि मीडिया ने इस मामले को ऐसे उछाल दिए हैं कि चंपत राय का इस्तीफा लेकर मानेंगे और इसके बाद वह हंसने लगे। ऐसी परिस्थितियों में इस तरह की हंसी बहुत कुछ कहती है। किसी गंभीर घटना के दौरान व्यक्ति की भाव-भंगिमाएं भी कई बातें स्पष्ट करती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सुनने में आया था कि मंदिर में पुजारियों द्वारा श्रद्धालुओं को दिए जाने वाले चरणोदक पर रोक लगा दी गई। जो भी भक्त मंदिर में दर्शन के लिए आता है, उसे अयोध्या की परंपरा के अनुसार चरणोदक और चंदन मिलना चाहिए। साधु-संतों के साथ सामान्य व्यवहार किया जाता है, जबकि बाहर से आने वाले वीआईपी लोगों के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्था रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर के पदाधिकारियों से भी अधिक प्रभावशाली भूमिका में गोपाल राव दिखाई देते थे। गोपाल राव की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है, इसलिए उनकी भूमिका की निष्पक्ष एवं सम्यक जांच कराई जानी चाहिए। यदि वह पूरी तरह पाक-साफ हैं तो जांच के बाद यह बात भी स्पष्ट होकर सामने आ जानी चाहिए।
वरुण दास ने भी गोपाल राव की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रस्ट की कमेटी में उनका कोई रोल नहीं है और वह मंदिर के कर्मचारी भी नहीं हैं। इसके बावजूद जब देश की राष्ट्रपति या किसी अन्य राष्ट्राध्यक्ष का आगमन होता है तो गोपाल राव उनके समीप खड़े दिखाई देते हैं। मंदिर परिसर में कहीं भी जाने पर गोपाल राव आसानी से दिखाई पड़ जाते हैं। पूज्य दिनेंद्र दास द्वारा उठाया गया विषय अत्यंत गंभीर है।
उन्होंने सवाल किया कि जिस व्यक्ति का ट्रस्ट से कोई संबंध नहीं है और जो मंदिर का कर्मचारी भी नहीं है, वह आखिर मंदिर में इतनी महत्वपूर्ण भूमिका कैसे निभा रहा है। इससे समाज में गलत संदेश जा रहा है, जबकि पहले से ही लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
उन्होंने आगे कहा कि वह स्वयं प्रतिदिन दर्शन के लिए मंदिर जाते हैं और लगातार गोपाल राव को मंदिर परिसर में देखते हैं। वरुण दास ने मांग की कि गोपाल राव के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए और उन्हें अयोध्या से बाहर किया जाए।
–आईएएनएस
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