पेपर लीक पर सजा और जुर्माना का प्रावधान, सरकार ने उठाया ठोस कदम: कृष्णा हेगड़े

मुंबई, 30 जुलाई (आईएएनएस)। शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने संसद से पारित लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) (संशोधन) विधेयक, पीओके पर की गई टिप्पणियों, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र समेत कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी। केंद्र सरकार के कदमों का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए ठोस पहल की है।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दीपके के छात्र आंदोलन और छात्रों पर दर्ज मामलों को लेकर दिए गए बयान पर कृष्णा हेगड़े ने कहा कि उनका अपने घर लौटना अच्छी बात है। सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि किसी भी छात्र के खिलाफ बिना उचित जांच के कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। सरकार ने छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया है और पेपर लीक की समस्या के समाधान के लिए संसद में सख्त विधेयक पारित किया है। इसके अलावा परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और आधुनिक बनाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का भी गठन किया गया है। अभिजीत दीपके और छात्रों की ओर से उठाई गई अधिकांश मांगों पर सरकार पहले ही सकारात्मक कदम उठा चुकी है और छात्रों के सवालों का जवाब दिया जा चुका है।
पारित लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) (संशोधन) विधेयक पर कृष्णा हेगड़े ने कहा कि यह बिल परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ एक बड़ा और प्रभावी कदम है। कानून के तहत दोषी पाए जाने पर 5 से 10 वर्ष तक की जेल, मामलों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और 50 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। यदि किसी संगठित गिरोह, संस्था या संगठन की पेपर लीक में संलिप्तता पाई जाती है तो उस पर 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सरकार ने पहली बार इस समस्या के खिलाफ इतनी कठोर कानूनी व्यवस्था बनाई है।
उन्होंने बताया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। यह समिति परीक्षा प्रक्रिया, प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रणाली, तकनीकी सुधार और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलावों को लेकर सरकार को सुझाव देगी। केंद्र सरकार इन सिफारिशों को लागू करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। लंबे समय से पेपर लीक की समस्या से परेशान छात्रों को अब यह विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर ठोस समाधान की दिशा में काम कर रही है।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) को लेकर फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणियों पर कृष्णा हेगड़े ने कहा कि उन्हें अपने राजनीतिक इतिहास को भी याद रखना चाहिए। यदि उन्हें वास्तव में पीओके की चिंता होती तो जब उनकी पार्टी केंद्र और जम्मू-कश्मीर की सत्ता में थी, तब इस दिशा में पहल की जाती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भारत सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की संप्रभुता के मुद्दों पर पूरी तरह सक्षम है। जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है तथा भारत हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस विषय पर अपना पक्ष मजबूती से रखता है। भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने में सक्षम है।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र पर कृष्णा हेगड़े ने कहा कि उन्हें यह समझना चाहिए कि जिस गुट के खिलाफ उन्होंने कार्रवाई की मांग की है, वही सबसे बड़ा गुट होने का दावा करता है। यदि चुनाव आयोग वही मानदंड अपनाता है जो उसने पहले शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के मामलों में अपनाए थे, जहां विधायकों और सांसदों के बहुमत के आधार पर निर्णय दिया गया था, तो इस मामले में भी बहुमत के आधार पर फैसला होगा। उन्होंने दावा किया कि ऐसे किसी निर्णय से ममता बनर्जी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
–आईएएनएस
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