ओवैसी के कॉलेज को लेकर तेलंगाना में सियासी घमासान, मंत्री बंदी संजय कुमार ने कांग्रेस पर साधा निशाना

हैदराबाद, 10 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने शुक्रवार को तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पर हैदराबाद में झील की जमीन पर बने बैरिस्टर फातिमा ओवैसी एजुकेशनल कैंपस को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
बंदी संजय कुमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (एचवाईडीआरएए) के नाम पर गरीबों के घर तो गिरा सकती है, लेकिन अपनी सहयोगी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेताओं द्वारा किए गए अतिक्रमण पर ध्यान नहीं देती।
गृह राज्य मंत्री बंदी संजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पूरी दुनिया देख सकती है कि ओवैसी का कॉलेज एक झील पर बना है, फिर भी कांग्रेस सरकार ऐसा न होने का दिखावा करती है। वे एचवाईडीआरएए के नाम पर गरीबों के घर तो गिरा सकते हैं, लेकिन किसी तरह उस कथित अतिक्रमण को नहीं देख पाते जो सभी को दिखाई देता है।”
उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि वे (कांग्रेस सरकार) अपनी नजर की जांच करवाएं। मैं हर भाजपा कार्यकर्ता से अनुरोध करता हूं कि वे कांग्रेस नेताओं के लिए आंखों की मुफ्त जांच के कैंप लगाएं। अगर उसके बाद भी उन्हें झील दिखाई नहीं देती, तो समस्या उनकी नजर की नहीं है। यह उनकी राजनीति है। जहां भी कांग्रेस अपनी राजनीतिक रंगोली बनाने का फैसला करती है, एफटीएल लाइन जादुई रूप से उनके दोस्तों के फायदे के हिसाब से बदल जाती है।”
बंदी संजय ने राज्य सरकार की आलोचना तब की, जब सरकार ने हाई कोर्ट को बताया कि एक संयुक्त सर्वेक्षण के नतीजों के अनुसार, बांडलागुडा में स्थित फातिमा ओवैसी एजुकेशनल कैंपस साल्कम चेरुवु के नोटिफाइड फुल टैंक लेवल (एफटीएल) के अंदर नहीं है।
अतिरिक्त एडवोकेट जनरल इमरान खान ने साल्कम चेरुवु के आसपास अतिक्रमण से जुड़ी जनहित याचिका में राज्य का पक्ष रखते हुए कहा कि कई विभागों द्वारा किए गए संयुक्त सर्वेक्षण में पाया गया कि शिक्षण संस्थान झील के नोटिफाइड एफटीएल के बाहर थे।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (जीएचएमसी) ने एचवाईडीआरएए से आगे की कार्रवाई के लिए झील का सुपरइम्पोज्ड एफटीएल मैप उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।
इस बीच, तेलंगाना रक्षा सेना (टीआरएस) की नेता के. कविता ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि ए. रेवंत रेड्डी की सरकार, जो एचवाईडीआरएए के नाम पर हैदराबाद के गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलवा रही है। ओवैसी के शिक्षण संस्थानों को बचाने के लिए अदालतों को गुमराह कर रही है।
के. कविता ने कहा, “झील की जमीन पर कब्जा करके बनाया गया कॉलेज मुख्यमंत्री को तब भी दिखाई नहीं देता, जब पूरी दुनिया उसे देख रही है।”
उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को तुरंत अपनी आंखों की जांच करवाने की सलाह दी। तेलंगाना विधानसभा में एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने 6 जुलाई को कहा कि वह शिक्षण संस्थान बनाना जारी रखेंगे। उन्होंने घोषणा की कि अगर एक संस्थान तोड़ा गया, तो वह 10 संस्थान बनाएंगे।
चंद्रायनगुट्टा विधानसभा क्षेत्र के विधायक ने यह बयान तब दिया,जब तेलंगाना हाई कोर्ट ने राज्य अधिकारियों को ‘बैरिस्टर फातिमा ओवैसी एजुकेशनल केजी-पीजी कैंपस’ (जो सल्कम चेरुवु झील के इलाके में बना है) से जुड़े सभी जरूरी रिकॉर्ड पेश करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया।
अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा, “अगर आप एक संस्थान तोड़ेंगे, तो मैं 10 बनाऊंगा। गरीबों को मुफ्त शिक्षा देने के उनके संकल्प पर ऐसी कार्रवाइयों का कोई असर नहीं पड़ेगा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपनी सत्ता का इस्तेमाल करके उन पर दबाव बना रहे हैं और उनसे जुड़े शिक्षण संस्थानों को निशाना बना रहे हैं।
एआईएमआईएम विधायक ने अपने शिक्षण संस्थानों के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “भले ही आप इमारतें तोड़ दें। मैं बच्चों को खुले आसमान के नीचे पढ़ाऊंगा, लेकिन आपके सामने झुकूंगा नहीं।”
–आईएएनएस
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