पीएम मोदी का ओस्लो दौरा बढ़ती साझेदारी और साझा महत्वाकांक्षाओं का प्रतीक : नॉर्वे के प्रधानमंत्री स्टोरे

ओस्लो, 18 मई (आईएएनएस)। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे ने सोमवार को बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ते संरक्षणवाद के बीच नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर को बनाए रखने के लिए भारत और नॉर्वे के बीच गहरे सहयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक मामलों में दबाव के तौर पर कूटनीति, व्यापार और तकनीक के इस्तेमाल का विरोध करने के लिए दोनों देशों को एकजुट रहना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम स्टोरे ने कहा, “हमें उन लोगों के खिलाफ खड़ा होना होगा जो कूटनीति, व्यापार और तकनीक को हथियार बनाते हैं। बढ़ते संरक्षणवाद और ज्यादा तनाव वाले भू-राजनीतिक डायनामिक्स के समय में, नियम-आधारित ऑर्डर के लिए एक साथ खड़े होना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है। और हम आज हमारे सामने मौजूद कुछ बड़े मुद्दों पर चर्चा कर पाए हैं, जैसे यूक्रेन में युद्ध और मिडिल ईस्ट में युद्ध। मैं इन मुद्दों को संभालने और सुलझाने के लिए नॉर्वे और भारत के डिप्लोमैट्स के बीच इस सीधे संपर्क की सराहना करता हूं।”
उन्होंने आगे कहा कि भले ही भारत और नॉर्वे हमेशा हर मुद्दे पर सहमत न हों, लेकिन दोनों ही पक्के लोकतांत्रिक साझेदार बने हुए हैं, जो सम्मानजनक बातचीत के जरिए मतभेदों को मैनेज करते हैं।
स्टोरे ने जोर देकर कहा, “भारत हमेशा सभी मुद्दों पर एकमत नहीं होता। कोई भी नहीं होता, और हम दोनों सम्मानजनक लोकतंत्र हैं जो उन मुद्दों को लोकतांत्रिक स्टैंडर्ड के हिसाब से संभालते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री जी, आज जो चीज हमें एकजुट करती है, वह ज्यादा जरूरी है: यह विश्वास कि सहयोग, एकपक्षीयवाद और आइसोलेशन से बेहतर नतीजे देता है, खासकर जब ग्लोबल चुनौतियों की बात आती है।”
प्रधानमंत्री मोदी के नॉर्वे दौरे की अहमियत बताते हुए, स्टोरे ने कहा कि अनिश्चितता, तेजी से बदलाव और बढ़ते मतभेदों वाली दुनिया में, उन देशों के साथ जुड़ाव को गहरा करना बहुत जरूरी है जो एक जैसे मूल्य रखते हैं। उन्होंने कहा कि एक जैसे लोकतांत्रिक सिद्धांत नजरिए में अंतर से ज्यादा जरूरी हैं।
नॉर्वे के पीएम ने कहा, “दुनिया में अनिश्चितताओं और तेजी से बदलाव, ध्रुवीकरण और झगड़ों के समय में, उन देशों के साथ संपर्क मजबूत करना और बनाना जरूरी है, जिनके साथ हम एक जैसे आंतरिक मूल्य रखते हैं। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन वे दुनिया के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियों के मुकाबले छोटे हैं, और हमें मिलकर काम करने की जरूरत है। साझेदारी मायने रखती है, खासकर उन लोकतंत्र के बीच जिनके हित एक जैसे हैं और जो वैश्विक समुदाय में एक जैसे नियमों का पालन करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “इस भावना के साथ, आपका ओस्लो दौरा जरूरी है। यह भारत और नॉर्वे के बीच बढ़ती साझेदारी और कई क्षेत्रों में हमारे सहयोग को सच में मजबूत करने की साझा इच्छा को दिखाता है। हम भूगोल, संस्कृति, आकार और इतिहास में अलग हो सकते हैं, लेकिन हमें एक साथ मिलकर काम करने से बहुत कुछ हासिल होगा। आज, हम इस साझेदारी को आगे बढ़ाने वाले कई समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे और उन्हें रेखांकित करेंगे।”
नॉर्वे के पीएम स्टोरे ने कहा कि भारत और नॉर्वे इस संबंध को एक ग्रीन रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ा रहे हैं, ग्रीन ट्रांजिशन के लिए ज्ञान, संसाधनों और महत्वाकांक्षाओं पर सहयोग करने के लिए एक फ्रेमवर्क बना रहे हैं, जहां दोनों देश सफलता के लिए समान रूप से प्रतिबद्ध हैं।
–आईएएनएस
केके/एबीएम