नीदरलैंड में पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों को किया संबोधित, बोले-21वीं सदी का भारत अवसरों की भूमि

हेग, 16 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को द हेग में प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया। इस दौरान कई बार मोदी-मोदी और भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगे। भाषण समाप्त कर प्रधानमंत्री जब स्टेज पर आगे आए तो ‘मोदी-मोदी’ से सभागार गूंज उठा। लोगों ने खड़े होकर पीएम मोदी का अभिवादन किया।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में झालमुड़ी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि असम, बंगाल की झालमुड़ी यहां भी पहुंच गई।
पीएम मोदी ने कहा कि नीदरलैंड्स ट्यूलिप के लिए जाना जाता है, ठीक वैसे ही जैसे भारत कमल के लिए जाना जाता है। ट्यूलिप और कमल, दोनों ही हमें यह सिखाते हैं कि चाहे जड़ें पानी में हों या जमीन में, व्यक्ति को सुंदरता और शक्ति—दोनों ही प्राप्त होती हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत अवसरों की भूमि है। भारत तकनीक-संचालित भी है और मानवता प्रेरित भी है। भारत जितना प्राचीन है, उतना आधुनिक बन रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज मानवता के सामने अनेक बड़ी चुनौतियां भी हैं। पहले कोरोना आया, फिर युद्ध होने शुरू हो गए और अब उर्जा संकट है। ये दशक दुनिया के लिए आपदाओं का दशक बन रहा है। अगर ये स्थितियां तेजी से नहीं बदली गई, तो बीते अनेक दशकों की उपलब्धियों पर पानी फिर जाएगा।
पीएम ने कहा कि आज का भारत एक अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। आपने हाल में देखा होगा कि दुनिया की सबसे बड़ी और सफल एआई समिट भारत ने आयोजित की। उससे पहले जी-20 की सफल समिट भी भारत ने आयोजित की थी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हम दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम हैं। आज भारत की आकांक्षाएं अब उसकी सीमाओं तक ही सीमित नहीं हैं। भारत ओलंपिक्स की मेजबानी करना चाहता है, एक वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनना चाहता है। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में एक अग्रणी देश के रूप में उभरना चाहता है और दुनिया का ग्रोथ इंजन बनना चाहता है।
पीएम ने कहा कि मानवता का इतिहास साक्षी है कि समय के साथ अनेक संस्कृतियां मिट गईं, लेकिन भारत की विविध संस्कृति, आज भी अपने लोगों के दिलों में धड़कता है। पीढ़ियां बदल गईं, देश बदल गए, परिवेश बदल गए, लेकिन परिवार के संस्कार नहीं बदले, अपनापन नहीं बदला, क्योंकि आपने अपने पुरखों की भाषा को छोड़ा नहीं। ये बहुत ही सराहनीय है।
–आईएएनएस
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