खुले डिजिटल नेटवर्क से खुदरा और वितरण तंत्र में बदलाव लाने पर जोर: पीयूष गोयल

नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को नई दिल्ली में ओएनडीसी और निर्मित भारत के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में खुले डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से खुदरा (रिटेल) और वितरण तंत्र को मजबूत बनाने, छोटे उत्पादकों और कारीगरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने तथा नवाचार आधारित डिजिटल समाधानों के जरिए लॉजिस्टिक्स और मोबिलिटी सेवाओं को सशक्त करने पर चर्चा हुई।
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “इन पहलों में बाजार तक पहुंच बढ़ाने, सेवा वितरण को बेहतर बनाने और व्यापक आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देने की बड़ी क्षमता है।”
निर्मित भारत, डिजिटल कॉमर्स के लिए ओपन नेटवर्क (ओएनडीसी) की एक गैर-लाभकारी (नॉन-प्रॉफिट) सहायक संस्था है। ओएनडीसी भारत सरकार-समर्थित डिजिटल कॉमर्स नेटवर्क है।
इस महीने की शुरुआत में, राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म उबर ने ओएनडीसी में एक रणनीतिक निवेश की घोषणा की, जो भारत के ओपन डिजिटल कॉमर्स नेटवर्क में किसी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी द्वारा किए गए शुरुआती निवेशों में से एक है।
कंपनी के अनुसार, यह निवेश भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) इकोसिस्टम के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है तथा खुले और इंटरऑपरेबल नेटवर्क के माध्यम से मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स सेवाओं के विकास की उसकी दीर्घकालिक रणनीति को दर्शाता है।
यह निवेश उबर और ओएनडीसी के बीच पहले से मौजूद साझेदारी को आगे बढ़ाता है। कंपनी इससे पहले भी ओएनडीसी नेटवर्क के साथ अपना एकीकरण कर चुकी है।
ओएनडीसी के स्वतंत्र निदेशक आदिल ज़ैनुलभाई ने कहा कि यह निवेश भारत के डिजिटल कॉमर्स ढांचे और व्यवसायों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने की उसकी क्षमता में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
चेन्नई स्थित इस वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी ने कहा कि यह निवेश तकनीक को सभी आकार के व्यवसायों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए अधिक सुलभ और समावेशी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ओएनडीसी ने 21.8 करोड़ (218 मिलियन) लेनदेन दर्ज किए। इस दौरान नेटवर्क ने रिटेल, लॉजिस्टिक्स, मोबिलिटी और वित्तीय सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में अपना विस्तार जारी रखा।
ओएनडीसी एक ऐसा खुला डिजिटल कॉमर्स नेटवर्क विकसित कर रहा है, जिसका लक्ष्य विभिन्न क्षेत्रों में इंटरऑपरेबिलिटी, समावेशिता और दक्षता को बढ़ावा देना है। साथ ही यह बिखरी हुई प्रणालियों, ऊंची प्रवेश बाधाओं और डिजिटल कॉमर्स में विश्वास की कमी जैसी संरचनात्मक चुनौतियों का समाधान करने की दिशा में भी काम कर रहा है।
–आईएएनएस
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