ड्रग कारोबार से जुड़े लोगों को नहीं मिलेगा सिक्योरिटी क्लीयरेंस, अनंतनाग एसएसपी का सख्त आदेश


अनंतनाग, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में नशे के नेटवर्क को लेकर जांच एजेंसियों और पुलिस को अहम निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी ने आदेश दिया है कि नशीले पदार्थों के मामलों में शामिल पाए जाने वाले व्यक्तियों को कोई भी सुरक्षा मंजूरी नहीं दी जाएगी।

अनंतनाग पुलिस ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर बताया कि जिले में 20 पहचाने गए हॉटस्पॉट पर नार्को सीएएसओ (घेराबंदी और तलाशी अभियान) चल रहे हैं। पुलिस संदिग्ध ड्रग सरगनाओं के घरों पर छापेमारी कर रही हैं। एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्ती के लिए अवैध संपत्तियों का सर्वे चल रहा है।

विभिन्न एनडीपीएस मामलों की जांच के दौरान यह सामने आया है कि यहां सक्रिय कुछ नशा तस्कर और सिंडिकेट सीधे तौर पर आतंकी हैंडलर्स से जुड़े हो सकते हैं। यह स्थिति न सिर्फ कानून-व्यवस्था के लिए खतरा मानी जा रही है, बल्कि इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

ये आपराधिक तत्व सिर्फ अवैध गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में नशे का जाल फैलाकर युवाओं को बर्बादी की ओर धकेल रहे हैं। नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित सामान की सप्लाई से सामाजिक ताना-बाना भी प्रभावित हो रहा है और इलाके में अस्थिरता का माहौल बन रहा है।

इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए अनंतनाग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने सभी फील्ड यूनिट्स को सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश में साफ कहा गया है कि पासपोर्ट वेरिफिकेशन, सरकारी नौकरी, कांट्रैक्टर कार्ड और अन्य चरित्र प्रमाणन से जुड़े मामलों में अगर किसी व्यक्ति का संबंध नशा तस्करी या किसी ड्रग सिंडिकेट से पाया जाता है, तो उसे स्पष्ट रूप से लाल स्याही में दर्ज किया जाए।

इसके साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी ऐसे व्यक्ति को सुरक्षा मंजूरी न दी जाए जो नशे के कारोबार या ड्रग नेटवर्क से जुड़ा हुआ पाया जाए। प्रशासन का कहना है कि यह कदम इलाके में नशे के बढ़ते खतरे को रोकने और नेटवर्क को तोड़ने के लिए जरूरी है। पुलिस का फोकस अब इस बात पर है कि नशे की सप्लाई चेन को जड़ से खत्म किया जाए और इसमें शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

अनंतनाग पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे समाज और देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। जो भी व्यक्ति या समूह इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

–आईएएनएस

पीआईएम/वीसी


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