ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर एनडीए के नेताओं ने सेना और सरकार की कार्रवाई को सराहा

नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर देशभर में राजनीतिक नेताओं ने भारतीय सेना के साहस और केंद्र सरकार की कार्रवाई की सराहना की। एनडीए के नेताओं ने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत नीति और निर्णायक जवाब का प्रतीक बताया। नेताओं ने कहा कि इस अभियान ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ सख्त और सक्रिय नीति अपनाने से पीछे नहीं हटेगा।
मुंबई में शिवसेना नेता शायना एनसी ने कहा कि 7 मई 2025 की भयावह घटना को एक वर्ष पूरा हो चुका है लेकिन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत की आतंकवाद से निपटने की क्षमता और मजबूत हुई है। भारत ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ न केवल सैन्य स्तर पर जवाबी कार्रवाई की बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रावधानों का भी प्रभावी इस्तेमाल किया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के नागरिक खुद को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
पटना में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पहले हुई घटना बेहद दर्दनाक थी और देश के लिए गहरा आघात लेकर आई थी। उस हमले के दोषियों को जवाबदेह ठहराना आवश्यक था और भारतीय सेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसका करारा जवाब दिया। इस अभियान ने देशवासियों में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत किया।
पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष फतेहजंग सिंह बाजवा ने भारतीय सेना और राष्ट्रीय नेतृत्व को सलाम करते हुए कहा कि पहलगाम में हुई शर्मनाक घटना के बाद यह तय हो गया था कि देश अपने शहीद जवानों का बदला अवश्य लेगा। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से भारत ने यह दिखा दिया कि आतंकवाद और उसके समर्थकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने सेना को पूरी स्वतंत्रता दी थी। उन्होंने दावा किया कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के भीतर 100 किलोमीटर तक जाकर आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। इस कार्रवाई से पूरे विश्व में यह संदेश गया कि भारत अपने वादों को निभाने और आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाने में सक्षम है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, समर्पण और शौर्य का प्रतीक है। जिस प्रकार भारतीय सेना ने सीमा पार जाकर आतंकियों को जवाब दिया, उससे पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश मिल गया कि भारत पर हमला करना अब आसान नहीं है। नेताओं ने इस अवसर पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
–आईएएनएस
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