ओडिशा एसईसी ने 2027 के स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की


भुवनेश्वर, 21 जुलाई (आईएएनएस)। ओडिशा राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने मंगलवार को राज्यभर के सभी नगर निगमों के आयुक्तों, जिला कलेक्टरों, उप-कलेक्टरों और चुनाव कार्य के प्रभारी डिप्टी कलेक्टरों के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की।

यह बैठक 2027 में होने वाले तीन-स्तरीय पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से कराने की तैयारियों को तेज करने के लिए बुलाई गई थी।

राज्य चुनाव आयुक्त मधुसूदन पाढ़ी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आगामी चुनावों के आयोजन से जुड़े मुख्य पहलुओं पर जिला कलेक्टरों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।

एसईसी ने एक अहम फैसले में घोषणा की कि वह पहली बार जमीनी हकीकत के आधार पर बूथ-वार मतदाता सूची तैयार करने के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण (डोर-टू-डोर सर्वे) करेगा।

पाढ़ी ने मीडियाकर्मियों से कहा कि हम इस बार मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे। यह सर्वेक्षण अगले तीन से चार महीनों में पूरा हो जाएगा। डुप्लीकेट नामों को हटाने (डिडुप्लीकेशन) की प्रक्रिया के इस्तेमाल पर विचार किया जा रहा है। चुनाव आयोग पहले ही एसआईआर (विशेष गहन संशोधन) कर चुका है। हम उस प्रक्रिया का अध्ययन करेंगे और अगर डिडुप्लीकेशन टूल का इस्तेमाल जरूरी लगा तो हम उचित निर्णय लेंगे।

एसईसी सचिव संतोष कुमार दास ने कहा कि आयोग अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में सर्वेक्षण शुरू करेगा। यह भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा चल रहे विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के पूरा होने के बाद सितंबर में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने के बाद किया जाएगा।

एसईसी ने सर्वेक्षण प्रक्रिया, बूथों और वार्डों के परिसीमन, दावों और आपत्तियों को इकट्ठा करने, सर्वेक्षण डेटा के डिजिटलीकरण और सभी निर्धारित गतिविधियों को समय पर पूरा करने की समीक्षा की।

आयोग ने 1 जनवरी, 2027 को मतदाता सूची का मसौदा और 10 फरवरी, 2027 को अंतिम सूची प्रकाशित करने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे सूची को संशोधित और शुद्ध करने के लिए सर्वेक्षण को सख्ती से करें।

उन्हें यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से न छूटे; इसके लिए नए आवेदकों को शामिल किया जाए और मृत, दूसरी जगह चले गए या अन्यथा अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाए जाएं।

पाढ़ी ने सूची में मौजूद सभी गलतियों को सुधारने और तय समय-सीमा के भीतर एक साफ और त्रुटि-मुक्त अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करें कि एक ही पोलिंग बूथ के लिए वोटर लिस्ट में सभी पात्र परिवार के सदस्यों के नाम एक के बाद एक हों।

जिला कलेक्टरों को यह भी सलाह दी गई कि वे चुनाव ड्यूटी पर तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यापक प्रशिक्षण दें ताकि चुनाव सुचारू रूप से संपन्न हो सकें।

–आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी


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