न्यूजीलैंड ने अमेरिका-ईरान शांति समझौते की दिशा में उठाए गए कदम का स्वागत किया

वेलिंगटन, 15 जून (आईएएनएस)। न्यूजीलैंड ने सोमवार को मध्य पूर्व के संघर्ष को खत्म करने के मकसद से अमेरिका-ईरान समझौते की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत किया।
विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने एक बयान में कहा, “यह अहम और सकारात्मक समझौता उस इलाके में तनाव कम करने और स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम है, जो ग्लोबल आर्थिक सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है।”
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पीटर्स ने कहा कि स्टेट ऑफ होर्मुज, जो तेल और शिपिंग का एक अहम रास्ता है, में रुकावटों का न्यूजीलैंड और उसके प्रशांत क्षेत्र के सहयोगियों की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि वेलिंगटन उन कदमों का स्वागत करता है ‘जो इस अहम समुद्री रास्ते को सुरक्षित रूप से फिर से खोलने और मुख्य सप्लाई चेन में भरोसा बहाल करने में मदद करेंगे।’
मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत और कूटनीति ही ‘लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों को सुलझाने का सबसे असरदार तरीका’ है। उन्होंने इस समझौते को ‘एक अच्छा पहला कदम’ बताया और सभी पक्षों से अपील की कि वे इस गति को आगे बढ़ाएं ताकि इलाके में तनाव कम हो सके।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इस समझौते को ‘तनाव कम करने और ग्लोबल स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम’ बताया।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “इस टकराव ने न्यूजीलैंड के लोगों की जेब पर असर डाला है और घरेलू बजट पर दबाव बनाया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने से स्थिर व्यापारिक रास्ते बहाल करने, ईंधन की सप्लाई शुरू करने और हमारी अर्थव्यवस्था को गतिमान रखने में मदद मिलेगी।”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका और ईरान ने एक समझौता पूरा कर लिया है, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खुल जाएगा और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म हो जाएगी। इसे उन्होंने महीनों के टकराव के बाद एक बड़ी कामयाबी बताया; इस टकराव ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट को हिला दिया था और बड़े क्षेत्रीय युद्ध का डर पैदा कर दिया था।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है। सभी को बधाई!”
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब दुनिया की नजर उस संकरे जलमार्ग पर टिकी है, जिससे दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। होर्मुज जलडमरूमध्य महीनों से वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव का केंद्र रहा है, और शिपिंग में रुकावटों के कारण ग्लोबल एनर्जी की कीमतों में उतार-चढ़ाव आया है।
–आईएएनएस
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