प्रियंका गांधी के 'गोमूत्र विशेषज्ञ' बयान पर बोले नसीम सिद्दीकी, 'विज्ञान प्रयोगों और तथ्यों पर आधारित होता है'

मुंबई, 2 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने रविवार को प्रियंका गांधी के गोमूत्र विशेषज्ञ वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी।
प्रियंका गांधी के ‘गोमूत्र विशेषज्ञ’ वाले बयान पर नसीम सिद्दीकी ने कहा, “अगर इसकी ठीक से जांच की जाए तो इस बयान का विरोध करने वाले वे लोग होंगे, जो किसी न किसी तरह भाजपा से जुड़े हैं। कोई भी वैज्ञानिक गोमूत्र के बारे में बात या उसकी वकालत नहीं कर सकता। विज्ञान प्रयोगों और तथ्यों पर आधारित होता है। यह किसी भावनात्मक मामले या अंधविश्वास में विश्वास नहीं करता।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर बाबा रामदेव गोमूत्र का प्रचार करते हैं तो ठीक है, लेकिन अगर भारत का कोई वैज्ञानिक गोमूत्र के बारे में बात करता है तो इससे दुनिया में भारत की बदनामी होती है। लोग भारत को अलग नजरिए से देखते हैं। वे कहते हैं कि दुनिया विज्ञान की बात कर रही है, जबकि भारत के लोग अभी भी गोमूत्र और गोबर में उलझे हुए हैं। इससे देश की तरक्की में मदद नहीं मिलेगी।”
उत्तर प्रदेश में सांसद डिंपल यादव को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर दिखाने वाले बैनर पर नसीम सिद्दीकी ने कहा, “यह बहुत खुशी की बात है। अगर कोई महिला उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनती है, तो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी इसका स्वागत करेगी। अगर इस देश में किसी ने महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें आरक्षण देने की पहल की, तो वे हमारे शरद पवार थे। हमने हमेशा महिलाओं के उत्थान और उनके अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी है। अगर कोई महिला उत्तर प्रदेश या महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री बनती है, तो हम उसका स्वागत करेंगे।”
कुलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर नसीम सिद्दीकी ने कहा, “जब भी पहले जम्मू-कश्मीर में कोई हमला हुआ तो यही आरोप लगाया गया कि आतंकवादियों ने लोगों का धर्म पूछकर उनकी हत्या की। आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। घायलों की मदद करने वाले भी मुस्लिम समुदाय के ही लोग थे। यह ध्रुवीकरण की राजनीति करने की एक साजिश है।”
उन्होंने मीडिया से भी अपील करते हुए कहा, “मैं मीडिया से अच्छे कामों को दिखाने के लिए कहूंगा। जुनैद नाम के एक लड़के ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने तक लोगों को खाना खिलाने में करोड़ों रुपए खर्च किए। किसी भी मीडिया ने उसे नहीं दिखाया, क्योंकि वह अब्दुल था।”
राहुल गांधी और तीन सांसदों के खिलाफ संसद में विरोध प्रदर्शन को लेकर दर्ज एफआईआर पर एनसीपी (एसपी) प्रवक्ता ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “अगर संसद के अंदर कोई विरोध प्रदर्शन होता है, या पप्पू यादव साधु का वेश धारण करके फंड जुटाने में हुई चोरी का मामला उजागर करते हैं और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है तो देश में इससे ज्यादा निंदनीय कुछ नहीं हो सकता। इसका मतलब है कि लोकतंत्र कमजोर हो रहा है और इस देश में लोकतंत्र के लिए अब कोई जगह नहीं बची है। यह एफआईआर गलत है। इसे दर्ज नहीं किया जाना चाहिए था। यह विपक्षी सांसदों का अधिकार है।”
–आईएएनएस
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