मध्य प्रदेश: महिलाओं की शराब दुकान पर वायरल पोस्ट भ्रामक, भाजपा ने लोगों से की तथ्य जांच की अपील


भोपाल, 3 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश भाजपा ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उन दावों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा है कि राज्य सरकार महिलाओं के लिए शराब की अलग दुकानें खोलने की तैयारी कर रही है। भाजपा ने इन दावों को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया। पार्टी का कहना है कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय दिए गए एक पुराने प्रस्ताव को गलत तरीके से मौजूदा भाजपा सरकार से जोड़कर सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है।

स्पष्टीकरण जारी करते हुए भाजपा के राज्य मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं के अनुकूल शराब की दुकानें खोलने का प्रस्ताव फरवरी 2020 में कमल नाथ के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा घोषित किया गया था।

अग्रवाल ने कहा, “विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर भाजपा सरकार को महिलाओं के लिए अलग शराब की दुकानों से जोड़ने का जो दावा फैलाया जा रहा है, वह पूरी तरह भ्रामक, निराधार और झूठा है। यह निर्णय 2020 में कमल नाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा लिया गया था।”

भाजपा के अनुसार, विपक्ष में रहते हुए उसने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया था, जिसके चलते कांग्रेस सरकार को अपना निर्णय वापस लेना पड़ा। भाजपा ने आगे कहा कि मार्च 2020 में राज्य में सरकार परिवर्तन के बाद इस प्रस्ताव को कभी लागू नहीं किया गया।

भाजपा ने जोर देकर कहा कि न तो वर्तमान राज्य सरकार का और न ही पार्टी का ऐसे किसी प्रस्ताव से कोई संबंध है और महिलाओं के लिए अलग शराब की दुकानें खोलने की कोई योजना विचाराधीन नहीं है।

अग्रवाल ने कहा, “भाजपा ने कभी भी महिलाओं के लिए शराब की दुकानें खोलने का समर्थन नहीं किया है और न ही वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन है। हमारी सरकार ने धार्मिक स्थलों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के पास शराब की दुकानें बंद करके अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।”

पार्टी ने कहा कि उसने लगातार मादक पदार्थों के सेवन से मुक्त समाज की वकालत की है और धार्मिक और अन्य संवेदनशील स्थानों के आसपास शराब की दुकानों को बंद करने को भाजपा सरकार की नीति के उदाहरण के रूप में उद्धृत किया है।

भाजपा ने लोगों से अपुष्ट सोशल मीडिया पोस्टों पर विश्वास न करने की अपील करते हुए नागरिकों से आग्रह किया कि वे ऐसी सामग्री को आगे भेजने से पहले तथ्यों की पुष्टि कर लें। उसने आरोप लगाया कि पूर्व कांग्रेस सरकार के एक फैसले को वर्तमान भाजपा सरकार से जोड़कर गलत सूचना फैलाई जा रही है।

–आईएएनएस

एसएचके/वीसी


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