लखनऊ अग्निकांड : बेटे को खोने के गम में टूटी मां, बोलीं- 10 मिनट पहले दफ्तर नहीं पहुंचता तो बच जाती जान


लखनऊ, 22 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक इमारत में लगी भीषण आग ने कई परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। मृतकों में शामिल आदित्य श्रीवास्तव के परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का कहना है कि आदित्य बिल्डिंग के अंदर फंस गए थे और धुएं के कारण दम घुट गया, जिससे उनकी जान चली गई।

विशाल श्रीवास्तव ने हादसे के बारे में बताया कि आदित्य उनके बुआ के बेटे थे। उन्होंने कहा कि इस हादसे में आदित्य की मौत हो गई। हमें जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार वह बिल्डिंग के अंदर फंस गए थे और संभवतः धुएं की वजह से उनकी जान चली गई।

वहीं, आदित्य की मां कल्पना श्रीवास्तव ने बेटे की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह हादसा उनके परिवार के लिए कभी न भरने वाला घाव बन गया है। उन्होंने बताया कि आदित्य को इसी साल जनवरी में नौकरी मिली थी और वह अपने करियर को लेकर काफी उत्साहित था।

कल्पना श्रीवास्तव ने कहा कि सब खत्म हो गया। मेरा बेटा वहां नौकरी करने गया था। उसका लंच टाइम दोपहर एक से दो बजे के बीच होता था। वह लंच करके करीब 10 मिनट पहले ही वापस ऑफिस पहुंच गया था। दो बजने में लगभग 10 मिनट बाकी थे, तभी वहां आग लग गई। अगर वह कुछ देर बाद पहुंचता तो शायद उसकी जान बच जाती।

मृतक की मां ने बताया कि उनके बेटे का शरीर आग से नहीं जला था। उनकी मौत धुएं से दम घुटने से कारण हुई है।

योगी सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 50,000 रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। इसके साथ ही किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय पहुंचकर घायलों एवं उनके परिजनों से भेंट की और चिकित्सकों से घायलों के उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

इसी बीच मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि हादसे को लेकर सीएम योगी की अध्यक्षता में अधिकारियों के साथ हाई लेवल बैठक की गई, जिसमें दुर्घटना की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की गई। मीटिंग में सीएम योगी के निर्देश पर लखनऊ अग्निकांड मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।

विशेष जांच दल में अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, धर्मार्थ और संस्कृति विभाग अमृत अभिजात को शामिल किया गया है, जबकि दूसरे सदस्य के रूप में लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार को नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने जांच दल को घटना की विस्तृत जांच कर सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

–आईएएनएस

पीएसके/एबीएम


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