कांवड़ यात्रा 2026: एडीजी अग्निशमन ने तैयारी की समीक्षा की, शिविरों एवं बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी के कड़े निर्देश


गाजियाबाद, 22 जुलाई (आईएएनएस)। आगामी कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को अपर पुलिस महानिदेशक (अग्निशमन एवं आपात सेवा) पद्मजा चौहान ने गाजियाबाद के फायर स्टेशन वैशाली पहुंचकर कांवड़ यात्रा से संबंधित तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर, बदायूं और अमरोहा सहित विभिन्न जनपदों के मुख्य अग्निशमन अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान एडीजी पद्मजा चौहान ने सभी अधिकारियों से कांवड़ यात्रा मार्गों पर की जा रही अग्नि सुरक्षा तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर लगाए जाने वाले कांवड़ शिविरों में अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही शिविर संचालकों और आयोजकों को आग से बचाव, गैस सिलेंडर के सुरक्षित उपयोग, विद्युत उपकरणों के संचालन और आपातकालीन स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों की पूरी जानकारी दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्रा के दौरान किसी भी संभावित अग्निकांड या आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की टीमें पूरी तरह सतर्क रहें और संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

इसके अलावा सभी जिलों में आपसी समन्वय बनाकर त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। इस अवसर पर फायर स्टेशन वैशाली में अग्निशमन कर्मियों के शारीरिक प्रशिक्षण और फिटनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निर्मित व्यायामशाला (जिम) का भी लोकार्पण किया गया। वहीं, कविनगर स्वदेशी कंपाउंड इंडस्ट्री द्वारा अग्निशमन विभाग को उपलब्ध कराया गया एक वाटर बाउजर भी एडीजी ने हरी झंडी दिखाकर विभाग को समर्पित किया। इस आधुनिक संसाधन के शामिल होने से आग लगने की घटनाओं पर तेजी से नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।

बैठक में गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर जनपदों में स्थित बहुमंजिला इमारतों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष चर्चा हुई। एडीजी ने निर्देश दिए कि सभी हाईराइज भवनों में नियमित फायर ऑडिट कराया जाए और जहां भी अग्निशमन सुरक्षा मानकों में कमी मिले, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसके साथ ही होटल, गेस्ट हाउस, कोचिंग सेंटर तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी लगातार फायर ऑडिट अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिन भवनों में निर्धारित मानकों के अनुरूप अग्निशमन सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सुरक्षा व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त कराने पर जोर दिया गया।

अग्निशमन विभाग का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से विभाग ने सभी संबंधित जनपदों में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की आगजनी या आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

–आईएएनएस

पीकेटी/डीकेपी


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