आकाश आनंद का राहुल और अखिलेश पर तंज, बताया अंकल

हाथरस, 10 अगस्त (आईएएनएस)। बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए दोनों को ‘अंकल’ कहकर संबोधित किया। सादाबाद में जनसभा के दौरान आकाश आनंद ने कहा कि उनकी उम्र 30 साल है, जबकि अखिलेश यादव करीब 50 साल के हैं, ऐसे में उन्हें ‘अंकल’ कहना स्वाभाविक है। उन्होंने राहुल गांधी की ‘संविधान बचाओ’ मुहिम पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी संविधान की किताब लेकर घूमते हैं, लेकिन उसके पन्ने पलटें तो खाली मिलेंगे।
बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने सोमवार को हाथरस के सादाबाद में आयोजित जनसभा में पार्टी के चुनावी अभियान का शंखनाद करते भाजपा की प्रदेश और केंद्र सरकार के साथ-साथ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी तीखे हमले किए। आकाश आनंद ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘अंकल’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 30 वर्ष है, जबकि अखिलेश यादव करीब 50 वर्ष के हैं। ऐसे में उन्हें ‘अंकल’ कहकर संबोधित करने में कोई अनादर नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह केवल उम्र के अंतर को दर्शाने वाला संबोधन है। उन्होंने राहुल गांधी की ओर से चलाए जा रहे ‘संविधान बचाओ’ अभियान पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी संविधान की एक किताब लेकर घूमते हैं और लगातार संविधान की बात करते हैं, लेकिन अगर उस किताब के पन्ने पलटकर देखे जाएं तो वे खाली नजर आएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासित राज्यों में भी कई ऐसे काम हो रहे हैं, जिनके लिए कांग्रेस उत्तर प्रदेश की सरकार पर सवाल उठाती रही है।
बसपा नेता ने कहा कि केवल संसद में संविधान का नाम लेने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उसकी मूल भावना को जमीन पर लागू करना भी जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा की नीतियों में समानता होने का आरोप लगाते हुए खुद को दोनों दलों से अलग राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश करने की कोशिश की। आकाश आनंद ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ‘पीडीए’ के नारे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार पीडीए की परिभाषा बदलती रही है।
उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कानून व्यवस्था और दंगों को लेकर भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। आकाश आनंद ने इथेनॉल और पेट्रोल की कीमतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इथेनॉल के नाम पर आम जनता को महंगा पेट्रोल मिल रहा है और इसका बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गन्ने से इथेनॉल का उत्पादन किसानों के लिए लाभकारी होना चाहिए, लेकिन इसका फायदा आम आदमी को नहीं मिल रहा है। उन्होंने रसोई गैस सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का मुद्दा भी उठाया।
आकाश आनंद ने कहा कि 2014 के आसपास गैस सिलिंडर करीब 400 रुपए में मिलता था और उस समय भाजपा के नेता महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरते थे। उन्होंने दावा किया कि आज सिलिंडर की कीमत करीब 1,200 रुपए तक पहुंच गई है। आकाश आनंद ने प्रदेश में बनाए गए एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां जगह-जगह गड्ढों की समस्या सामने आती है। इसके विपरीत उन्होंने आगरा-नोएडा एक्सप्रेस-वे का उदाहरण देते हुए कहा कि यह मायावती सरकार के कार्यकाल में बनाया गया था और इतने वर्षों बाद भी इसकी गुणवत्ता बेहतर बनी हुई है।
बसपा नेता ने भाजपा सरकार पर पिछली सरकारों के काम का श्रेय लेने का आरोप लगाते हुए कहा, “काम कोई और करता है, लेकिन फीता ये लोग काटते हैं। उन्होंने ‘डबल इंजन’ सरकार के दावे पर भी सवाल उठाए।
बता दें कि आकाश आनंद लंबे समय बाद चुनावी मंच पर सक्रिय नजर आए। 2024 में उनके एक बयान को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद मायावती ने उन्हें कुछ समय के लिए पार्टी की जिम्मेदारियों से हटा दिया था। बाद में उन्हें फिर से राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई।
–आईएएनएस
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