भाजपा में राज्यसभा सदस्यों का शामिल होना दलबदल नहीं, बल्कि 'आप' का विभाजन है: अब्बास नकवी

नई दिल्ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने और अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को लिखे गए पत्र पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने प्रतिक्रिया दी।
आम आदमी पार्टी को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्यों पर मुख्तार अब्बास नकवी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “किसी व्यक्ति ने पार्टी नहीं तोड़ी है, बल्कि पूरी पार्टी ही बिखर गई है, इसलिए मैं इसे दलबदल नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी का विभाजन मानता हूं। जब भी किसी राजनीतिक दल में विभाजन होता है तो उसके बाद उसमें सुधार की कोई संभावना नहीं रहती है।”
उन्होंने राघव चड्ढा के एक वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आंदोलन व्यक्तित्वों को आकार देते हैं। जहां भी आंदोलनों से राजनीतिक दल उभरे हैं, उन्हें विभाजन का सामना करना पड़ा है। उदाहरण के लिए कांग्रेस को ही ले लीजिए, यह कई बार विभाजित हो चुकी है। महात्मा गांधी ने स्वयं स्वतंत्रता आंदोलन के बाद कांग्रेस को भंग करने का सुझाव दिया था।”
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पत्र लिखकर कहा कि उन्हें अब जस्टिस स्वर्ण शर्मा की अदालत से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है, जिसके चलते उन्होंने न केवल स्वयं अदालत में पेश न होने का निर्णय लिया है, बल्कि अपने वकील को भी पेश न होने देने की बात कही है। इस पर अब्बास नकवी ने कहा, “केजरीवाल ने गलत किया है। इससे लग रहा है कि दाल में काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली थी। कोर्ट एक संवैधानिक संस्था है, और केजरीवाल अपनी सहूलियत के अनुसार कोर्ट नहीं चुन सकते हैं।
राहुल गांधी द्वारा ममता बनर्जी की सरकार पर उठाए गए सवाल पर भाजपा नेता ने कहा, “पहले यूपीए सरकार बनी, जो एक अव्यवस्थित गठबंधन साबित हुई। अब इंडिया गठबंधन बना है, इसकी हालत भी ठीक नहीं है। गठबंधन के अंदर कलह लगातार जारी है। दिल्ली में तो वे दोस्त बनकर रहते हैं, लेकिन कोलकाता में कुश्ती लड़ते हैं।”
–आईएएनएस
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