जेएएल रिजॉल्यूशन प्लान: अदाणी पोर्ट्स 1,500 करोड़ रुपए में जेपी फर्टिलाइजर्स का अधिग्रहण करेगी

अहमदाबाद, 11 मई (आईएएनएस)। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने गुरुवार को कहा कि उसने जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के लिए एनसीएलटी द्वारा मंजूरी की गई समाधान योजना (रिजॉल्यूशन प्लान) के तहत 1,500 करोड़ रुपए में जेपी फर्टिलाइजर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड (जेएफआईएल) के अधिग्रहण के लिए जेएएल के साथ अनुबंध किया है।
रेगुलेटरी फाइलिंग में अदाणी ग्रुप की कंपनी ने कहा कि उसने जेएएल के साथ एक शेयर खरीद समझौते में प्रवेश किया है, जिसके तहत वह जेएफआईएल में 100 प्रतिशत शेयरधारिता हासिल करेगी, जो कानपुर फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (केएफसीएल) की होल्डिंग कंपनी है।
फाइलिंग में बताया गया कि इस अधिग्रहण से एपीएसईजेड को केएफसीएल पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण प्राप्त हो जाएगा, जिसके पास कानपुर में लगभग 243 एकड़ औद्योगिक और वाणिज्यिक भूमि है, जिसे लॉजिस्टिक्स पार्क और वेयरहाउसिंग सुविधाओं के विकास के लिए रणनीतिक रूप से अहम माना जाता है।
एपीएसईजेड के अनुसार, यह लेनदेन उत्तरी भारत में अंतर्देशीय लॉजिस्टिक्स संचालन को मजबूत करने और सेवा क्षमताओं का विस्तार करने की उसकी रणनीति के अनुरूप है।
यह अधिग्रहण कंपनी के व्यापक लक्ष्य को भी समर्थन देता है, जिसके तहत वह 2031 तक अपने मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) नेटवर्क को 12 से बढ़ाकर 16 करना और भंडारण क्षमता को लगभग चार गुना बढ़ाना चाहती है।
यह अधिग्रहण कर्ज में डूबी जेएएल के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत स्वीकृत समाधान योजना के तहत किया जा रहा है, जिसमें एपीएसईजेड कार्यान्वयन संस्थाओं में से एक के रूप में कार्य कर रही है।
यह लेनदेन समाधान योजना के तहत प्रभावी तिथि पर पूरा होने की उम्मीद है, जो 17 मार्च, 2026 को एनसीएलटी द्वारा दी गई मंजूरी के 90 दिनों के भीतर होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने अगस्त 2025 में इस लेनदेन को मंजूरी दी थी, जबकि राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने मई 2026 में समाधान योजना को बरकरार रखा था।
इसके अतिरिक्त, अदाणी पावर ने कहा कि उसने जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड (जेपीवीएल) में 24 प्रतिशत हिस्सेदारी और उत्तर प्रदेश में 180 मेगावाट के चुर्क थर्मल पावर प्लांट के अधिग्रहण के लिए जेएएल के साथ समझौतों में प्रवेश किया है।
–आईएएनएस
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