सिर्फ सीरीज से श्रेयस अय्यर की कप्तानी का आकलन करना जल्दबाजी होगी: अभिषेक नायर
नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के पूर्व क्रिकेटर अभिषेक नायर का मानना है कि लगातार दो सीरीज हारने के बाद टी20 कप्तान के तौर पर श्रेयस अय्यर के भविष्य पर सवाल उठाना गलत होगा। उन्होंने कहा कि नए कप्तान को अपनी सोच के हिसाब से टीम को तैयार करने की आजादी मिलनी चाहिए।
बतौर टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर के कार्यकाल की शुरुआत बेहद निराशाजनक हुई है। अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम को पहली बार आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से टी20 सीरीज गंवानी पड़ी। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ भी टीम का प्रदर्शन खराब रहा और इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज को 4-0 से अपने नाम किया। पांचवें टी20 में मिली हार के साथ ही भारत की आईसीसी टी20 इंटरनेशनल में जारी बादशाहत भी खत्म हो गई।
हालांकि, नायर का मानना है कि ये दो सीरीज अय्यर को यह सोचने का मौका देंगी कि वह टीम को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं और उन्हें अपने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से क्या चाहिए। नायर ने ‘जियो हॉटस्टार’ से बात करते हुए कहा, “जब आप किसी को एक चैंपियन टीम की कमान सौंपते हैं, तो आप उन्हें अपनी टीम चुनने की आजादी भी देना चाहते हैं। जब आप पहली बार कप्तान बनते हैं, तो आपको यह कहने की आजादी नहीं मिलती है कि मैं टीम को इस दिशा में ले जाना चाहता हूं। आप पहले टीम को संभालते हैं और फिर देखते हैं कि आपको इसके साथ क्या करना है।”
उन्होंने कहा, “इन दो सीरीज के बाद अय्यर को सोचने और यह समझने का समय मिलेगा कि उन्हें इस टीम से क्या चाहिए। वे कैसे चाहते हैं कि टीम खेले और उन्हें सपोर्ट स्टाफ से क्या चाहिए। इसी वजह से यह कहना गलत होगा कि कप्तान के तौर पर श्रेयस अय्यर का भविष्य खतरे में है।”
नायर ने जोर देकर कहा कि अय्यर की कप्तानी का सही आकलन करने से पहले उन्हें टीम की पूरी जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। उन्होंने हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स, रोहित शर्मा और विराट कोहली के उदाहरण दिए। “यह सीरीज वाकई बहुत मुश्किल रही है। आप श्रेयस अय्यर पर उंगली उठा सकते हैं, लेकिन ज्यादा समझदारी वाली बात यह समझना है कि उन्हें इस टीम से क्या चाहिए। उन्हें यह महसूस करने दें कि यह उनकी टीम है—जैसे हैरी ब्रूक अभी महसूस करते हैं या बेन स्टोक्स ने इंग्लैंड की टेस्ट टीम के साथ किया था या रोहित शर्मा ने कप्तान रहते हुए भारत के लिए किया था या विराट कोहली ने किया था (खासकर टेस्ट टीम के साथ), तब उन्हें परखना ज्यादा सही रहेगा।”
उन्होंने आगे कहा, “शुभमन गिल भी जब पहली बार वनडे कप्तान बने थे, तो शुरुआती कुछ सीरीज नहीं जीत पाए थे। जैसे-जैसे आप अपनी भूमिका में ढलते हैं, आपका आत्मविश्वास बढ़ता है और आप वैसी टीम बनाते हैं जैसी आपने सोची होती है। अभी तो शुरुआत ही है, घबराने की कोई बात नहीं है, लेकिन यह साफ होना चाहिए कि यह टीम किस दिशा में जा रही है।”
–आईएएनएस
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