पीएम मोदी से प्रेरित परिवार ने शादी में सोने की नई ज्वेलरी खरीदने से किया परहेज, पुराने मंगलसूत्र को दिया नया रूप


वर्धा, 17 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का आम नागरिकों पर कितना गहरा असर हुआ है, इसका एक दिल छू लेने वाला उदाहरण महाराष्ट्र के वर्धा जिले के पुलगांव से सामने आया है। यहां एक परिवार ने अपने बेटे की शादी के लिए नई सोने की ज्वेलरी न खरीदने और इसके बजाय अपनी होने वाली बहू के लिए घर में मौजूद पुराने मंगलसूत्र को ही नया रूप देने का फैसला किया है।

प्रधानमंत्री मोदी को लिखे एक पत्र में, पुलगांव में पूजा-पाठ का सामान बेचने वाले छोटे व्यापारी सतीश गौरीशंकर चौबे ने बताया कि देशहित में समझदारी से खर्च करने की प्रधानमंत्री की अपील से प्रभावित होकर उनके परिवार ने दुल्हन के लिए नया मंगलसूत्र न खरीदने का फैसला किया।

चौबे के अनुसार, परिवार में उनके बेटे यश चौबे की होने वाली पत्नी के लिए नया मंगलसूत्र खरीदने पर चर्चा चल रही थी। यश की शादी 1 जुलाई को होनी है। हालांकि, उनकी पत्नी सीमा चौबे ने घर आने वाली बहू को तोहफे में देने के लिए अपने ही मंगलसूत्र को पॉलिश करवाकर नया रूप देने का फैसला किया।

पत्र में चौबे ने लिखा कि परिवार के लिए यह फैसला सिर्फ पैसे बचाने के बारे में नहीं था, बल्कि यह दिखाने की एक सचेत कोशिश थी कि आम नागरिक छोटे-छोटे व्यक्तिगत फैसलों के जरिए राष्ट्रीय कार्यों में योगदान दे सकते हैं। परिवार को लगा कि प्रधानमंत्री की अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देना एक बड़े राष्ट्रीय प्रयास में शामिल होने का उनका तरीका था।

अपने पत्र में चौबे ने लिखा कि हालांकि परिवार एक साधारण मारवाड़ी राजस्थानी ब्राह्मण परिवार से है और शादी पूरी पारंपरिक रीति-रिवाजों और जश्न के साथ करेगा, फिर भी वे अनावश्यक खरीदारी से बचकर एक मिसाल कायम करना चाहते थे।

परिवार ने प्रधानमंत्री मोदी को नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने के लिए आमंत्रित भी किया है और उम्मीद जताई है कि उन्हें उनका आशीर्वाद देने वाला पत्र मिल सकता है। चौबे के अनुसार, ऐसा संदेश परिवार के लिए एक यादगार पल बन जाएगा और उनके इस विश्वास को और मज़बूत करेगा कि उन्होंने प्रधानमंत्री की अपील के अनुसार काम किया है।

इस बारे में आईएएनएस से बात करते हुए सतीश गौरीशंकर चौबे ने कहा, “निश्चित तौर पर हमने प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर भावनात्मक रूप से नया सोना नहीं खरीदने का निर्णय लिया है। इससे हमारी बचत भी हुई और राष्ट्रहति में योगदान भी हुआ है।”

सीमा चौबे ने कहा, “जिस तरह प्रधानमंत्री मोदी ने ‘स्वच्छता अभियान’, ‘हर घर तिरंगा’ और ‘लोकल फॉर वोकल’ जैसी पहलों से देश के हर नागरिक को राष्ट्रहित से जोड़ा, उसी तरह हम सभी की आत्मनिर्भरता और जिम्मेदार नागरिक के प्रति भावना बढ़ी है।”

वहीं, यश चौबे ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कई निर्णय लिए हैं। आर्थिक तौर पर ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटलीकरण’ का कार्य हुआ। यूपीआई भारत की देन है, जिसकी सराहना पूरी दुनिया करती है। राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर देखते हुए सरकार ने नक्सलवाद की समस्या को जड़ से निकाल फेंका है। देश की सीमाओं को भी मजबूत किया है।”

–आईएएनएस

डीसीएच/


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