भारत का औद्योगिक उत्पादन मई में 5.1 प्रतिशत की दर से बढ़ा, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रही तेजी

नई दिल्ली, 29 जून (आईएएनएस)। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की वृद्धि दर मई 2026 में सालाना आधार पर 5.1 प्रतिशत रही है। इससे यह बढ़कर 122.7 पर पहुंच गया, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, बिजली और जल प्रबंधन क्षेत्रों ने प्रमुख योगदान दिया। यह जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी डेटा में दी गई।
खास बात यह है कि सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के लिए आधार वर्ष को 2011–12 से बदलकर 2022–23 कर दिया है। यह संशोधित आधार वर्ष के तहत डेटा का दूसरा सेट है।
सरकारी डेटा के मुताबिक, मई में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का उत्पादन सालाना आधार पर 5.5 प्रतिशत बढ़ा है। इसे कई उद्योगों में वृद्धि का फायदा मिला है। हालांकि, खनन में मई में सालाना आधार पर 1.6 प्रतिशत की कमी देखी गई है।
मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के 23 उद्योग समूहों में से 16 ने मई 2025 की तुलना में मई 2026 में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है। मई 2026 के दौरान सबसे अधिक सकारात्मक योगदान देने वाले तीन प्रमुख उद्योग समूह में मोटर वाहन, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर के निर्माण में वृद्धि दर 14.5 प्रतिशत, विद्युत उपकरण के निर्माण में वृद्धि दर 20.8 प्रतिशत और बेसिक मेटल के निर्माण में वृद्धि दर 4.6 प्रतिशत रही।
वहीं, बिजली और गैस का उत्पादन 9.9 प्रतिशत और पानी की आपूर्ति में सालाना आधार पर 5.5 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
इसके अतिरिक्त पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन में सालाना आधार पर 12.9 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो निवेश गतिविधियों में लगातार तेजी का संकेत है। मई में इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े सामान का उत्पादन 5.9 प्रतिशत बढ़ा, जबकि लंबे समय तक चलने वाले कंज्यूमर गुड्स का उत्पादन 7.2 प्रतिशत बढ़ा है।
इससे पहले 22 जून को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी डेटा में बताया गया कि भारत की आठ मुख्य इन्फ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रीज के संयुक्त सूचकांक की विकास दर मई में सालाना आधार पर 0.5 प्रतिशत रही है। इसमें सीमेंट, स्टील और इलेक्ट्रिसिटी क्षेत्र में जबरदस्त तेजी देखी गई है।
–आईएएनएस
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