अमेरिका-ईरान तनाव फिर से बढ़ने के चलते बाजार में भारी गिरावट; सेंसेक्स 1,677 अंक फिसला, निफ्टी 2 प्रतिशत नीचे


मुंबई, 8 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। इस बीच घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों सेंसेक्स और निफ्टी में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इस तरह पिछले कई दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया।

बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,677.12 अंकों यानी 2.15 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 76,503.60 पर पहुंच गया, तो वहीं एनएसई निफ्टी 50 516.65 (2.12 प्रतिशत) फिसलकर 23,882.05 पर बंद हुआ।

बुधवार को सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,180.72 से 364.27 अंक यानी 0.46 प्रतिशत गिरकर 77,816.45 पर खुला और दिन के कारोबार में इसने 2.45 प्रतिशत यानी 1,921.69 अंक फिसलकर 76,259.03 का इंट्रा-डे लो टच किया।

वहीं, निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,398.70 से 139.15 अंक यानी 0.57 प्रतिशत गिरकर 24,259.55 पर खुला और दिन के कारोबार में इसने 593.5 अंकों यानी 2.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,805.20 का दिन का निम्नतम स्तर छुआ। इस तरह दोनों प्रमुख सूचकांकों ने तीन महीने से अधिक समय में सबसे खराब प्रदर्शन दर्ज किया।

व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.7 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

वहीं, सेक्टरवार देखें तो सभी प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी बैंक का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। पीएसयू बैंकों के शेयरों में 2.56 प्रतिशत की गिरावट आई, इसके बाद निफ्टी बैंक (-2.40 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-2.42 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (-2.39 प्रतिशत) और निफ्टी मीडिया (-2.33 प्रतिशत) में भी गिरावट दर्ज की गई।

इसके अलावा, निफ्टी ऑयल एंड गैस (-2.13 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (-2.06 प्रतिशत) और निफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर (-2.06 प्रतिशत) में भी बिकवाली का दबाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। हालांकि, निफ्टी फार्मा में 0.87 प्रतिशत और निफ्टी मेटल में 0.68 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जो अन्य सेक्टर्स की तुलना में कम रही।

निफ्टी 50 इंडेक्स में, सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल, इंटरग्लोब एविएशन, श्रीराम फाइनेंस, मारुति सुजुकी और एचयूएल शामिल रहे, जबकि लाभ कमाने वाले शेयरों में ओएनजीसी और बजाज ऑटो, हिंडाल्को और कोल इंडिया शामिल रहे।

बीएसई पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दलाल स्ट्रीट में हुई इस बिकवाली में बीएसई-सूचीबद्ध शेयरों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में 8 लाख करोड़ से ज्यादा की गिरावट आई। मंगलवार को बीएसई-सूचीबद्ध शेयरों का बाजार मूल्यांकन 480.20 लाख करोड़ रुपए था, जो अब घटकर 471.44 करोड़ रुपए हो गया है।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तब बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम समाप्त हो गया है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर हमले किए जाने के बाद बातचीत जारी रह सकती है।

इस बीच, भारतीय रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले 58 पैसे गिरकर 95.55 पर बंद हुआ, जबकि मंगलवार को यह 94.97 पर बंद हुआ था।

वहीं, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में 6 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, जिससे पश्चिम एशिया से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।

बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में 6.52 प्रतिशत या 4.69 डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार करता नजर आया। इसी तरह, अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) में 6 प्रतिशत से अधिक या 4.85 डॉलर की वृद्धि हुई और यह लगभग 75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

एक बाजार विशेषज्ञ के अनुसार, आने वाले कारोबारी सत्रों में निफ्टी के लिए 23,780-23,750 का स्तर तत्काल सपोर्ट के रूप में महत्वपूर्ण रहेगा। यदि इंडेक्स इस दायरे के नीचे टिकाऊ रूप से फिसलता है, तो शॉर्ट टर्म में यह गिरावट बढ़कर पहले 23,600 और उसके बाद 23,450 तक जा सकती है। वहीं, ऊपर की ओर 24,020-24,050 का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस रहेगा। इस स्तर के ऊपर मजबूती मिलने पर ही बाजार में रिकवरी के संकेत मजबूत हो सकते हैं।

–आईएएनएस

डीबीपी


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