कोल इंडिया, एलआईसी, इंडियन ओवरसीज बैंक और आईआरएफसी में ऑफ फॉर सेल लाएगी सरकार

नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 27 की शुरुआती दो तिमाही में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल), लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी), इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (आईआरएफसी) का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) लाने की योजना बनाई है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट में बताया गया कि सरकार ने स्थिर बाजार में ओएफएस जारी करना चाहती है, जिससे शेयर की बिक्री के समय अचानक आने वाले उतार-चढ़ाव के बचा जा सके।
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि सरकार कोल इंडिया में करीब दो प्रतिशत की हिस्सेदारी बेच सकती है। एलआईसी में ओएफएस वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर अवधि में आ सकता है। आईओबी और आईआरएफसी में ओएफएस लाने पर सक्रिय बातचीत चल रही है और बाजार की स्थिरता का इंतजार किया जा रहा है।
सरकार ने वित्त वर्ष 2027 में परिसंपत्तियों के विनिवेश और मुद्रीकरण के माध्यम से 80,000 करोड़ रुपए जुटाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य वित्त वर्ष 2026 के संशोधित अनुमान 33,837 करोड़ रुपए से लगभग 135 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने गैर-कर राजस्व को बढ़ाने के लिए प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं में बड़े रणनीतिक विक्रय और ओएफएस का प्लान बनाया है।
ओएफएस, उस प्रक्रिया को कहा जाता है, जिसमें पैसा सीधे कंपनी के प्रमोटर के पास जाता है।
सरकार विनिवेश के मोर्चे पर पहले से ही सक्रिय है, उसने दिसंबर 2025 में आईओबी में 2.17 प्रतिशत हिस्सेदारी और फरवरी 2026 में आईआरएफसी में 2 प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश किया था।
इसके अलावा, सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की घोषणा की, जिसमें गैर-खुदरा बिक्री प्रस्ताव का हिस्सा 2.35 गुना सब्सक्राइब हुआ।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि सरकार के पास एक स्पष्ट परिभाषित पाइपलाइन द्वारा समर्थित “एक बहुत मजबूत परिसंपत्ति मुद्रीकरण योजना” है। “एक पाइपलाइन तैयार है, और सरकार को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है।”
–आईएएनएस
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