सरकार ने टेक्सटाइल पीएलआई स्कीम में 22 नई कंपनियों को शामिल किया; 2,339 करोड़ रुपए का होगा निवेश

नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने बुधवार को टेक्सटाइल पीएलआई स्कीम के तीसरे राउंड के तहत 22 नए आवेदनों को मंजूरी दे दी। इससे टेक्सटाइल क्षेत्र में 2,339.14 करोड़ रुपए के निवेश का रास्ता खुलेगा और 36,000 से ज्यादा नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन प्रोजेक्ट्स में नोटिफाइड टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स से 15,561.34 करोड़ रुपए का टर्नओवर होने और टेक्सटाइल वैल्यू चेन में 36,217 रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।
नई मंजूरी के साथ टेक्सटाइल पीएलआई स्कीम में कुल कंपनियों की संख्या बढ़कर 96 हो गई है।
संयुक्त रूप से इन सभी कंपनियों ने 12,822.67 करोड़ रुपए का निवेश किया है और इससे 58,294.18 करोड़ रुपए का टर्नओवर होने की संभावना है।
मंजूरी पाने वाली कंपनियां इस स्कीम के मुख्य क्षेत्रों में काम करती हैं, जिनमें मैन-मेड फाइबर (एमएमएफ) के कपड़े, एमएमएफ फैब्रिक और टेक्निकल टेक्सटाइल शामिल हैं।
सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों के विस्तार से वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल उत्पादों के लिए भारत की स्थिति एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर मजबूत होगी।
मंजूरी का यह नया दौर दिखाता है कि टेक्सटाइल सेक्टर के उभरते और तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने की सरकार की कोशिशों में इंडस्ट्री की लगातार दिलचस्पी बनी हुई है।
पीएलआई स्कीम का मकसद घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना, कॉम्पिटिशन की क्षमता बढ़ाना और इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना है।
अधिकारियों ने कहा कि प्रस्तावित निवेश और प्रोडक्शन क्षमता से एक मजबूत और ग्लोबल स्तर पर कॉम्पिटिटिव टेक्सटाइल इकोसिस्टम के विकास में मदद मिलने की उम्मीद है।
यह पहल घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाकर और रोजगार के अवसर पैदा करके सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के अनुरूप भी है।
टेक्सटाइल के लिए पीएलआई स्कीम इस सेक्टर में ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए एक अहम पॉलिसी के तौर पर उभरी है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां निर्यात की काफी संभावना है और ज्यादा वैल्यू एडिशन होता है। इससे भारत को ग्लोबल टेक्सटाइल सप्लाई चेन में अपनी मजबूत स्थिति बनाने में मदद मिल रही है।
–आईएएनएस
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