एफएसएसएआई ने चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस में खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ बेचने पर सोपन रेस्टोरेंट पर की कार्रवाई, लगाया जुर्माना

नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस की पेंट्री कार में मानक से कम गुणवत्ता वाला खाद्य पदार्थ बेचने के मामले में सोपन रेस्टोरेंट पर जुर्माना लगाया है।
एफएसएसएआई की जांच में ट्रेन में मौजूद दूध का एक नमूना निर्धारित गुणवत्ता मानकों से नीचे पाया गया था।
एफएसएसएआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस की पेंट्री कार संख्या 15904 में घटिया गुणवत्ता वाला खाद्य पदार्थ बेचने के मामले में सोपन रेस्टोरेंट के खिलाफ आदेश जारी किया गया है।
एफएसएसएआई ने कहा, “पेंट्री कार संख्या 15904 (चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस) से लिए गए नोवा फ्लेवर्ड डबल टोंड मिल्क के नमूने की जांच के बाद सोपन रेस्टोरेंट के खिलाफ आदेश पारित किया गया है।”
खाद्य नियामक ने कहा कि असम की राज्य जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में इस नमूने की जांच की गई, जहां इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक (एफएसएस) अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत मानक से कम गुणवत्ता वाला घोषित किया गया।
प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के मालीगांव स्थित नामित अधिकारी ने आवश्यक कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट निर्माता और अन्य संबंधित पक्षों को भेजी।
इसके बाद अलीपुरद्वार के निर्णयन अधिकारी ने एफएसएस अधिनियम, 2006 की धारा 68 के तहत नोटिस जारी कर निर्णयन प्रक्रिया शुरू की।
प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्णयन अधिकारी ने सोपन रेस्टोरेंट के अधिकृत प्रतिनिधि पर मानक से कम गुणवत्ता वाला खाद्य पदार्थ बेचने के लिए जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया। हालांकि, एफएसएसएआई ने जुर्माने की राशि का खुलासा नहीं किया।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब खाद्य नियामक देशभर में खाद्य कारोबार संचालकों द्वारा किए जा रहे नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त अभियान चला रहा है।
इस सप्ताह की शुरुआत में एफएसएसएआई ने पंजाब स्थित रिहान हेल्थकेयर का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया था। निरीक्षण के दौरान कंपनी की हेल्थ सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल्स बनाने वाली इकाई में गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं।
कंपनी को निर्देश दिया गया है कि सभी कमियों को दूर कर सक्षम प्राधिकारी से सत्यापन होने तक उत्पादन पूरी तरह बंद रखा जाए।
–आईएएनएस
एबीएस