कोयंबटूर एयरपोर्ट विस्तार को मिली रफ्तार, चौड़े पहुंच मार्ग के लिए भूमि सर्वे पूरा


कोयंबटूर, 26 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु में कोयंबटूर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लंबे समय से लंबित विस्तार की परियोजना क्रियान्वयन के एक कदम और करीब आ गई है, क्योंकि जिला प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और किसानों द्वारा मांगी गई 10.5 मीटर चौड़ी पहुंच सड़क के निर्माण को सुविधाजनक बनाने के लिए विस्तृत भूमि सर्वेक्षण पूरा कर लिया है।

अधिकारियों ने बताया कि सर्वेक्षण रिपोर्ट और संशोधित भूमि मानचित्र अब भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) को सौंप दिए गए हैं। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद हवाई अड्डे की परिधि दीवार (बाउंड्री वॉल) का निर्माण कार्य फिर से शुरू होने की उम्मीद है।

कोयंबटूर एयरपोर्ट का विस्तार पश्चिमी तमिलनाडु की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। उन्नत हवाई अड्डे से क्षेत्र की औद्योगिक, वाणिज्यिक और अंतरराष्ट्रीय संपर्क क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

मौजूदा 9,000 फुट लंबे रनवे को बढ़ाकर 12,000 फुट करने का प्रस्ताव है, जिससे हवाई अड्डा बोइंग 777 और एयरबस ए350 जैसे वाइड-बॉडी विमानों के संचालन के योग्य हो जाएगा।

लंबा रनवे बनने से कोयंबटूर से सीधे अंतर्राष्ट्रीय यात्री उड़ानें और लंबी दूरी की कार्गो सेवाएं संचालित की जा सकेंगी। इससे दूसरे हवाई अड्डों पर निर्भरता कम होगी और क्षेत्र में निर्यात, विनिर्माण तथा निवेश को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

हवाई अड्डा विस्तार परियोजना के लिए पहले चरणों में लगभग 2,200 करोड़ रुपये का आवंटन किया जा चुका है और परियोजना के लिए आवश्यक अधिकांश भूमि का अधिग्रहण सरकार द्वारा पहले ही किया जा चुका है। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार परियोजना को पूरा करने के लिए अभी भी अतिरिक्त सात एकड़ भूमि की आवश्यकता है और राजस्व विभाग भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी रखे हुए है।

अधिग्रहित भूमि पर हवाई अड्डे की परिधि दीवार का निर्माण हाल ही में शुरू किया गया था, लेकिन आसपास के गांवों में रहने वाले किसानों और स्थानीय निवासियों के विरोध के कारण काम रुक गया। उनका कहना था कि बाउंड्री वॉल के साथ 10.5 मीटर चौड़ी सड़क के लिए पर्याप्त भूमि छोड़ी जानी चाहिए ताकि स्थानीय लोगों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

स्थानीय लोगों का आरोप था कि हवाई अड्डा प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित मूल योजना के अनुसार केवल चार मीटर चौड़ी सड़क ही बचती, जो नियमित यातायात और भविष्य की जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं होगी। इसी विरोध के चलते निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया गया था।

विरोध के बाद कोयंबटूर के जिला कलेक्टर पवन कुमार ने कुछ दिन पहले स्थल का निरीक्षण किया और किसानों तथा स्थानीय निवासियों के साथ बैठक कर चर्चा की।

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि 10.5 मीटर चौड़ी सड़क की व्यवस्था की जाती है, तभी वे आगे के निर्माण कार्य की अनुमति देंगे। कलेक्टर के निर्देश पर जिला प्रशासन ने पिछले तीन दिनों में व्यापक भूमि सर्वेक्षण कर संशोधित सड़क मार्ग का अंतिम निर्धारण किया।

अधिकारियों ने बताया कि सर्वेक्षण अब पूरा हो चुका है और इसकी रिपोर्ट भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को भेज दी गई है। प्राधिकरण की मंजूरी मिलते ही हवाई अड्डे की परिधि दीवार का निर्माण फिर से शुरू होने की संभावना है, जिससे लंबे समय से प्रतीक्षित कोयंबटूर एयरपोर्ट विस्तार परियोजना का अगला चरण शुरू हो सकेगा।

–आईएएनएस

एसएके/पीएम


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