बंगाल : पुलिस के काम में बाधा डालने के मामले में टीएमसी की पूर्व सांसद को जमानत मिली


कोलकाता, 4 जुलाई (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार ने शनिवार को अदालत में सरेंडर कर दिया और एक हालिया मामले में उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई।

आरामबाग से दो बार सांसद रहीं अपरूपा को इसके बाद एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होना होगा। चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट ने बताया है कि अपरूपा को फिर से नोटिस भेजा जा सकता है।

मंगलवार को रामनवमी हिंसा मामले में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के अधिकारियों द्वारा उनके पति और तृणमूल पार्षद शाकिर अली की गिरफ्तारी के दौरान काम में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने अपरूपा पोद्दार के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था।

इसके लिए अपरूपा को सेरामपुर पुलिस स्टेशन में पेश होना था। वहीं, एनआईए कोर्ट ने शुक्रवार को शाकिर अली को सशर्त जमानत दे दी।

शनिवार को अपरूपा अपने पति के साथ सेरामपुर सब-डिविजन कोर्ट में पेश हुईं। कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी। हालांकि, पूर्व सांसद को 30 सितंबर को मयूख भवन स्थित विशेष अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, अपरूपा तय दिन पर पुलिस स्टेशन नहीं गईं। इसके चलते उनके खिलाफ गैर-जमानती धारा जोड़ी गई। नतीजतन, अपरूपा को जमानत पाने के लिए कोर्ट जाना पड़ा। शनिवार को जमानत मिलने के बाद पूर्व सांसद ने इस बारे में कुछ नहीं कहा।

अपरूपा के वकील जॉयदीप मुखर्जी ने कहा, “हम 30 सितंबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित मयूख भवन में एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होंगे।”

पुलिस केस के बारे में उन्होंने कहा, “पुलिस अपना काम करेगी। हम अपना काम करेंगे। कोर्ट ने हमारी बात मान ली है। पुलिस बहुत कुछ कह सकती है। जबकि ‘हत्या के प्रयास’ की कोई घटना ही नहीं हुई क्योंकि किसी पर ‘हमला’ नहीं किया गया। पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया। हम कानूनी तौर पर इसका सामना करेंगे।”

दूसरी ओर, चंदननगर पुलिस कमिश्नर सुनील कुमार यादव ने कहा, “हमने उन्हें जानकारी लेने के लिए बुलाया था। हम उन्हें फिर से बुला सकते हैं। हमें यह पता लगाने के लिए कहा गया है कि उस दिन कौन-कौन वहां मौजूद था। जरूरत पड़ने पर हम फिर बुलाएंगे। हम उन्हें एक और नोटिस भेजेंगे।”

–आईएएनएस

एससीएच/एबीएम


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