विदेश सचिव विक्रम मिस्री भूटान दौरे पर, स्वास्थ्य, ऊर्जा व बुनियादी ढांचे पर बढ़ा सहयोग

वाशिंगटन, 31 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भूटान के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने भूटान के विदेश सचिव पेमा लेकटुप दोरजी के साथ 13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत 5वीं भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता की सह-अध्यक्षता की।
30 जुलाई से शुरू हुए दौरे पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भूटान के राजा से मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री शेरिंग टोबग और विदेश मामलों और बाहरी व्यापार मंत्री ल्योनपो डी.एन. धुंग्येल से भी मुलाकात की।
दोनों पक्षों ने विकास साझेदारी, ऊर्जा, व्यापार और निवेश, कनेक्टिविटी, लोगों के बीच संबंध, साथ ही आपसी महत्व के दूसरे क्षेत्रीय मुद्दों सहित द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं पर चर्चा की।
5वीं योजना वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने भारत सरकार द्वारा भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2024-29) के लिए दी जा रही 100 अरब रुपए/न्यू. (10,000 करोड़ रुपए) सहायता की समग्र प्रगति और क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस सहायता में परियोजना संबद्ध सहायता (पीटीए) परियोजनाएं, उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाएं (एचआईसीडीपी), आर्थिक प्रोत्साहन कार्यक्रम (ईएसपी) और कार्यक्रम अनुदान शामिल हैं।
इस बैठक में कुल 12 नई पीटीए परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनकी राशि 3,320 मिलियन रुपए/न्यू. (332 करोड़ रुपए) है। ये परियोजनाएं बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, कृषि, शहरी सुविधाएं और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को कवर करती हैं। इसके साथ 13वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत अब तक कुल 82 पीटीए परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, जिनकी कुल राशि 68,600 मिलियन रुपए/न्यू. (6,860 करोड़ रुपए) है।
भारत सरकार ने ईएसपी के लिए 12,500 मिलियन रुपए/न्यू. (1,250 करोड़ रुपए), एचआईसीडीपी के लिए 7,352 मिलियन रुपए /न्यू. (735.20 करोड़ रुपये) और कार्यक्रम अनुदान के लिए 2,000 मिलियन रुपये/न्यू. (200 करोड़ रुपये) की राशि भी जारी की है। बैठक में इन निधियों के उपयोग की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
भारतीय पक्ष ने भूटान की रॉयल सरकार (आरजीओबी) के डेवलपमेंट एजेंडा का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो भूटान के राजा और भारत के प्रधानमंत्री के कॉमन विजन से गाइडेड है और रॉयल सरकार और भूटान के लोगों की प्राथमिकता पर आधारित है। भूटानी पक्ष ने भारत से मिले सपोर्ट और अपने 13वें एफवाईपी के तहत बड़े प्रोग्राम्स के लिए इसके महत्व की सराहना की।
दोनों विदेश सचिवों ने पीटीए प्रोजेक्ट “ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड ओपन स्पेसेस इन थिम्पू” के तहत बने थिम्पू इकोलॉजिकल पार्क और ओलाखा पार्क का वर्चुअली उद्घाटन किया।
इसके अलावा, पीटीए प्रोजेक्ट “एक्सेलरेट ई-मोबिलिटी अपटेक इन भूटान” के तहत खरीदे गए 45 इलेक्ट्रिक व्हीकल आजीओबी को सौंपे गए।
विदेश सचिवों की मौजूदगी में इन डॉक्यूमेंट्स का लेन-देन भी हुआ। पहला, भूटान में एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए 4000 करोड़ रुपए की रियायती लाइन ऑफ क्रेडिट को चालू करने के लिए आरजीओबी और ईएक्सआईएम बैंक ऑफ इंडिया के बीच अम्ब्रेला लाइन ऑफ क्रेडिट एग्रीमेंट और दूसरा स्वास्थ्य से जुड़ी शिक्षा और ट्रेनिंग पर रिसर्च और एक्सचेंज प्रोग्राम्स में सहयोग के लिए अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (एआईआईएमएस), नई दिल्ली और खेसर ग्यालपो यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंस ऑफ भूटान (केजीयूएमएसबी) के बीच एमओयू हुआ।
दोनों पक्ष अगली प्लान टॉक्स नई दिल्ली में आपसी सहमति से तय तारीख पर करने पर सहमत हुए।
भारत और भूटान के बीच एक शानदार साझेदारी है, जिसमें हर स्तर पर भरोसा, अच्छी भावना और आपसी समझ और लोगों के बीच करीबी संपर्क शामिल हैं। यह दौरा दोनों देशों के बीच करीबी जुड़ाव और सहयोग की पुरानी परंपरा के तहत हुआ।
–आईएएनएस
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