सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने कुवैत के हवाई क्षेत्र में घुसे दुश्‍मन ड्रोन, सेना ने मार ग‍िराए


कुवैत सिटी, 31 जुलाई (आईएएनएस)। कुवैत की सेना ने शुक्रवार को कुवैत के हवाई क्षेत्र में घुसने वाले ड्रोनों को मार ग‍िराने का दावा क‍िया। सेना ने बताया क‍ि ये दुश्‍मन ड्रोन हमारे सैन्‍य ठ‍िकानों को न‍िशाना बना रहे थे। सेना ने कहा क‍ि ड्रोन का मलबा ग‍िरने से कुछ जगहों पर नुकसान भी पहुंचा है।

कुवैत की सेना ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर बताया कि सुबह से कुवैत के हवाई क्षेत्र में घुसे ‘दुश्मन ड्रोन’ का पता लगाकर उन्हें मार गिराया गया। सेना के अनुसार ये ड्रोन कई महत्वपूर्ण और सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे थे।

स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, सेना ने कहा कि ड्रोन के मलबे के गिरने से कुछ जगहों पर संपत्ति को नुकसान पहुंचा लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। सेना ने इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार बताया। हालांकि, सेना ने यह नहीं बताया कि कुल कितने ड्रोन गिराए गए, किन ठिकानों को निशाना बनाया गया था या नुकसान कितना हुआ।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिनों की शांति के बाद अमेरिका और ईरान के बीच फिर से हवाई हमले शुरू हो गए हैं। साथ ही, लाल सागर क्षेत्र में यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब से जुड़ा एक नया मोर्चा भी सामने आया है। कुवैती सेना के अनुसार, गुरुवार को ईरानी हमले में उत्तरी कुवैत में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।

कुवैत की सशस्त्र सेना और कुवैत में चीनी दूतावास के मुताबिक, इस हमले में एक नेपाली ड्राइवर की जान चली गई, जो इलाके में काम कर रही एक चीनी कंपनी के सब-कॉन्ट्रैक्टर के लिए काम करता था। हमले से कंपनी की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। दूतावास ने बताया कि इस घटना में कोई भी चीनी नागरिक घायल या मृत नहीं हुआ।

गुरुवार को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने कुवैत स्थित अमेरिकी अली अल सलेम एयर बेस पर हमला किया।

सेपा न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस हमले में दो ड्रोन हैंगर और विमानों और सैन्य हेलिकॉप्टरों के लिए इस्तेमाल होने वाला एक ईंधन टैंक आग लगने से नष्ट हो गया।

पिछले हफ्ते आईआरजीसी ने दावा किया था कि उसकी सेना ने अली अल सलेम एयर बेस पर मौजूद अमेरिका के एक ‘बहुत बड़े’ गोला-बारूद भंडार को उन्नत और भारी कामिकेज ड्रोन से पूरी तरह नष्ट कर दिया।

आईआरजीसी का कहना है कि उसके हमले में बेस पर मौजूद अमेरिकी सैनिकों से जुड़ी सुविधाओं को नुकसान पहुंचा और कुछ लोग हताहत हुए।

–आईएएनएस

एवाई/पीएम


Show More
Back to top button