कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: अस्मिता डे ने जूडो में जीता ऐतिहासिक स्वर्ण, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

ग्लासगो, 31 जुलाई (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को एक और स्वर्ण पदक मिल गया है। अस्मिता डे शुक्रवार को जूडो में देश को स्वर्ण पदक दिलाया। शुक्रवार को महिलाओं की 48 किग्रा वर्ग के फाइनल में अस्मिता डे ने कनाडा की हेइडी क्वैच को हराकर स्वर्ण पदक जीता। अस्मिता का यह स्वर्ण पदक ऐतिहासिक है। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो में यह देश का पहला स्वर्ण पदक है।
रोमांचक और कड़े मुकाबले में डे ने क्वैच को 2-1 से हराया। डे ने आखिरी स्टेज पर अपना धैर्य बनाए रखते हुए अपने कॉमनवेल्थ गेम्स कैंपेन की सबसे बड़ी जीत हासिल की। भारतीय जूडोका ने बेहतरीन रणनीतिक कौशल और रक्षात्मक अनुशासन दिखाते हुए जीत हासिल की। अस्मिता डे जूडो में जीता गया यह स्वर्ण पदक वैश्विक स्तर पर भारत के इस खेल में बढ़ते दबदबे को दिखाता है।
देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अस्मिता डे को उनकी स्वर्णिम सफलता पर बधाई दी है।
रक्षा मंत्री ने एक्स पर लिखा, “अस्मिता डे की शानदार कोशिश। बहुत खुशी है कि उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 48 किग्रा जूडो इवेंट में स्वर्ण पदक जीता है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उनकी सफलता उनकी प्रतिबद्धता, ध्यान केंद्रित प्रशिक्षण और पूरे पक्के इरादे की वजह से है। मुझे यकीन है कि वह आने वाले समय में भी भारत को गर्व महसूस कराएंगी।”
जूडो में भारत को 2 और स्वर्ण आने की उम्मीद है। अस्मिता के साथ ही हर्ष और यामिनी ने भी जूडो के फाइनल में जगह बनाई है। हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किग्रा इवेंट के फाइनल में जगह बनाई। हर्ष ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के पेड्रो कार्लोस एंटुन नेटो को हराया। फाइनल में हर्ष का मुकाबला ऑस्ट्रेलियाई जोशुआ कैट्ज से होगा।
यामिनी मौर्या ने महिलाओं की 57 किग्रा भार वर्ग में दक्षिण अफ्रीका की डोने ब्रेयटेनबैक को इप्पोन से हराकर फाइनल में जगह बनाई। हालांकि, उन्हें जीत के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। फाइनल में यामिनी का मुकाबला इंग्लैंड की एसेलिया टोपराक से होगा।
–आईएएनएस
पीएके