अमेरिकी नागरिकों से ठगी करने वाले कॉल सेंटर से जुड़े लोगों पर ईडी की कार्रवाई,187 करोड़ की संपत्ति कुर्क

जालंधर, 1 अगस्त (आईएएनएस) प्रवर्तन निदेशालय ने अमेरिकी नागरिकों से लाखों डॉलर की ठगी करने वाले कॉल सेंटर घोटालेबाजों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गोवा, दिल्ली और हरियाणा में 187.13 करोड़ रुपए की लग्जरी फार्महाउस, विला और अन्य संपत्तियां जब्त की हैं।
ईडी के जालंधर जोनल कार्यालय ने ये संपत्तियां धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत कुर्क की हैं।
यह कार्रवाई अवैध कॉल सेंटर चलाकर और विदेशी नागरिकों को ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी करके अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अपराध का नेटवर्क चलाने वाले लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में की गई है।
ईडी ने यह मनी लॉन्ड्रिंग जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह जानकारी अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई से मिली थी। इस एफआईआर में अमेरिकी नागरिकों से लाखों डॉलर की ठगी के लिए भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
ईडी की जांच में पता चला कि ‘डिजीकैप्स – द फ्यूचर ऑफ डिजिटल’ नाम का अवैध कॉल सेंटर था। इसमें जिगर अहमद, यश खुराना, इंद्रजीत सिंह भाली, निखिल शर्मा सहित 36 कर्मचारी काम करते थे। इसकी निगरानी जोनी, दक्षय सेठी और गौरव वर्मा कर रहे थे।
उन्होंने खुद को टेक्निकल सपोर्ट कॉल सेंटर सर्विस बताकर अमेरिकी पीड़ितों से ठगी की। इस दौरान उन्होंने पीड़ितों की जरूरी जानकारी चुराई और आईआरएस यानी अमेरिका के आंतरिक राजस्व सेवा की तरफ से कानूनी कार्रवाई की धमकी दी।
आरोपियों ने पीड़ितों को अपना पैसा क्रिप्टो अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। विदेशी पीड़ितों के अकाउंट से पैसा निकालकर क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में डाला गया। इसके बाद अपराध से कमाई गई रकम को निजी फायदे के लिए शेल कंपनियों में भेजा गया। इसमें ‘ब्लिस इंफ्राप्रॉपर्टीज एलएलपी’ शामिल है। इसी पैसे से अचल संपत्तियां खरीदी गईं।
इससे पहले जनवरी और फरवरी 2026 में ईडी ने पीएमएलए, 2002 के तहत पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 13 जगहों पर छापेमारी की थी।
छापेमारी में कई डिजिटल डिवाइस बरामद हुए। 34 लाख रुपए की बिना हिसाब वाली नकदी भी जब्त की गई। साथ ही आरोपियों को भारत और विदेश में महंगी संपत्तियों और निवेश से जोड़ने वाले अहम रिकॉर्ड भी मिले।
ईडी जांच में पता चला कि जोनी त्यागी, दक्षय सेठी, राघव सतिहा, निखिल वर्मा, गौरव वर्मा और गौतम ढींगरा नाम के आरोपियों ने अपराध से कमाए पैसे को हरियाणा, दिल्ली और गोवा में रियल एस्टेट में लगाया था।
–आईएएनएस
एएमटी/पीएम