संतों के सानिध्य से आत्मविश्वास और सेवा से समाज मजबूत होता है: दिनेश शर्मा

लखनऊ, 25 मई (आईएएनएस)। लखनऊ के गोमतीनगर स्थित विज्ञान खंड के स्थानीय जाप स्थल एवं सेवा केंद्र में सोमवार को आध्यात्म, संस्कृति और सेवा भाव का अद्भुत संगम देखने को मिला। ‘लाल महेंद्र शिव शक्ति सेवा समिति (ओम नमः शिवाय आश्रम)’ द्वारा सेवा कार्यों के 50 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह में हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
प्रवचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विशाल भंडारे के बीच पूरा परिसर शिवमय वातावरण और “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजता रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सत्य के सानिध्य में आने से व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास पैदा होता है और संतों का आशीर्वाद ही जीवन में चमत्कार बन जाता है।
उन्होंने कहा कि संत समाज को जाति और भेदभाव से ऊपर उठाकर समरसता का मार्ग दिखाते हैं। जहां संत होते हैं, वहीं बसंत भी होता है। शर्मा ने कहा कि भारत ऋषि और कृषि दोनों का देश रहा है तथा किसान की उपज से ही देश की समृद्धि सुनिश्चित होती है। सनातन संस्कृति केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि सेवा, सह-अस्तित्व और मानव कल्याण की जीवनशैली है।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति को आक्रांताओं ने लूटने का प्रयास जरूर किया, लेकिन वे इसकी आत्मा और परंपरा को समाप्त नहीं कर सके। डॉ. शर्मा ने कहा कि गुरु समाज को दिशा देने के साथ सबको साथ लेकर चलने की प्रेरणा देता है। हालांकि, वर्तमान समय में पारिवारिक संबंधों में बदलाव और बढ़ते विवाद चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता का वृद्धाश्रम जाने को मजबूर होना भारतीय संस्कृति नहीं हो सकती।
उन्होंने विश्वास जताया कि देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और वर्ष 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बन जाएगा। समारोह का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार तथा भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन-अर्चना के साथ हुआ।
आश्रम के गुरुजी ने कहा कि ‘ओम नमः शिवाय’ केवल मंत्र नहीं, बल्कि सेवा, संयम और शिवत्व की ओर ले जाने वाली साधना है। शिव का स्मरण मनुष्य को अहंकार से मुक्त कर मानवता से जोड़ता है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों ने शिव भक्ति, राष्ट्रभावना और भारतीय संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। बच्चों और युवाओं की प्रस्तुतियों को खूब सराहना मिली।
वहीं, विशाल भंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति की ओर से सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा और बैठने की व्यापक व्यवस्था की गई थी। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि आश्रम पिछले पांच दशकों से धार्मिक, सामाजिक और मानव सेवा के कार्यों में सक्रिय है। प्रयागराज के माघ मेले से लेकर हरिद्वार, उज्जैन और नासिक कुंभ तक आश्रम लगातार भंडारे संचालित करता रहा है। कोरोना काल में लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर और अयोध्या में 24 घंटे भोजन सेवा चलाकर हजारों जरूरतमंदों की सहायता की गई थी।
–आईएएनएस
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