अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, छह सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंचा क्रूड


नई दिल्ली, 30 मई (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम (सीजफायर) बढ़ाने पर संभावित सहमति और होर्मुज जलडमरूमध्य के जल्द खुलने की खबरों के बाद सप्ताहांत में वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें छह सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गईं।

अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जुलाई डिलीवरी वाला अनुबंध 1.73 प्रतिशत गिरकर 87.36 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का अगस्त अनुबंध 1.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 91.12 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह युद्धविराम को 60 दिनों तक बढ़ाने के लिए प्रस्तावित शुरुआती समझौते पर अंतिम फैसला लेंगे। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अभी कोई अंतिम सहमति नहीं बनी है और दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जारी है।

जुलाई में कच्चे तेल की कीमतों में शामिल अतिरिक्त जोखिम प्रीमियम कम हुआ है, क्योंकि कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें बढ़ी हैं। हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति पूरी तरह सामान्य होने से पहले अभी कई चुनौतियां मौजूद हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, जलमार्ग में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाना, बंद पड़े तेल क्षेत्रों को दोबारा शुरू करना और ड्रोन तथा मिसाइल हमलों से ऊर्जा ढांचे को हुए नुकसान की मरम्मत जैसे कारणों से तेल आपूर्ति पूरी तरह बहाल होने में समय लग सकता है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत के लिए लगभग 2.70 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर जा रहा मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला टैंकर निसोस केरोस सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है। इसके 3 जून को विशाखापट्टनम पहुंचने की उम्मीद है।

सरकार ने कहा कि देश की सभी तेल रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और उनके पास पर्याप्त मात्रा में कच्चे तेल का भंडार मौजूद है। साथ ही पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है।

घरेलू एलपीजी की मांग को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से गैस उत्पादन बढ़ाकर लगभग 52 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन कर दिया गया है।

सरकार ने राज्यों को जिला स्तर पर पेट्रोल और डीजल की खपत के पैटर्न की निगरानी और समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा, संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख परिवहन एवं औद्योगिक कॉरिडोर में निरीक्षण और प्रवर्तन गतिविधियां तेज करने को कहा गया है, ताकि औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं द्वारा खुदरा पेट्रोल पंपों से डीजल की अनधिकृत खरीद को रोका जा सके।

सरकार ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं।

–आईएएनएस

डीबीपी


Show More
Back to top button