पिछले 4 दिनों में करीब 1.80 करोड़ एलपीजी सिलेंडर किए गए वितरित, देश भर में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सामान्य: सरकार


नई दिल्ली, 29 मई (आईएएनएस)। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि देश भर में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। हालांकि कुछ इलाकों में लोगों द्वारा जरूरत से ज्यादा खरीदारी के कारण अस्थायी दबाव देखने को मिला है।

शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद, सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि घरेलू एलपीजी, घरेलू पीएनजी और सीएनजी (परिवहन) की 100 प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है।

बयान में आगे कहा गया है कि वाणिज्यिक एलपीजी के लिए अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही, फार्मा, इस्पात, ऑटोमोबाइल, बीज, कृषि आदि क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा, प्रवासी श्रमिकों को 5 किलोग्राम एफटीएल की आपूर्ति 2 और 3 मार्च 2026 को औसत दैनिक आपूर्ति के आधार पर दोगुनी कर दी गई है।

सरकार ने आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों पर कई युक्तिकरण उपाय पहले ही लागू कर दिए हैं, जिनमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना और आपूर्ति के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शामिल है।

सरकार ने बताया कि पिछले 4 दिनों में लगभग 1.78 करोड़ एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग के मुकाबले लगभग 1.80 करोड़ एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए।

साथ ही, केंद्र सरकार ने कुल वाणिज्यिक आवंटन को संकट-पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक आवंटित करने का निर्णय लिया है, जिसमें 10 प्रतिशत सुधार-आधारित आवंटन शामिल है।

बयान में आगे कहा गया है कि पिछले 4 दिनों के दौरान लगभग 2.42 लाख – 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर बेचे गए। कल लगभग 176 शिविरों के माध्यम से लगभग 2,537 – 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर बेचे गए।

पिछले 4 दिनों के दौरान कुल 29,814 मीट्रिक टन वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हुई है। पिछले 4 दिनों के दौरान, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) की ओएमसी कंपनियों द्वारा लगभग 954 मीट्रिक टन ऑटो एलपीजी बेची गई है।

साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर ईंधन की खरीदारी न करें और केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल खरीदें। मंत्रालय ने कहा कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां लगातार सप्लाई मॉनिटरिंग और समन्वित वितरण के जरिए स्थिति संभाल रही हैं।

सरकार ने माना कि पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव का असर एलपीजी सप्लाई पर पड़ा है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है। अब तक किसी भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर पर गैस खत्म होने जैसी स्थिति सामने नहीं आई है।

ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग लगभग 99 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि डायवर्जन रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी 96 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है।

पिछले चार दिनों में करीब 1.80 करोड़ एलपीजी सिलेंडर डिलीवर किए गए, जबकि बुकिंग लगभग 1.78 करोड़ रही। इसी दौरान लगभग 2.42 लाख छोटे 5 किलो वाले एफटीएल सिलेंडर भी बेचे गए।

सरकार के अनुसार मार्च 2026 से अब तक करीब 8.3 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं, जबकि अतिरिक्त 2.91 लाख कनेक्शन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। इस तरह कुल पीएनजी कनेक्शन की संख्या 11.21 लाख तक पहुंच गई है।

28 मई 2026 तक लगभग 60,400 पीएनजी उपभोक्ताओं ने मायपीएनजीडी.इन वेबसाइट के जरिए अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं।

सरकार ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में असामान्य तेजी आई है। उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती करने का फैसला लिया है।

हालांकि कुछ जिलों में पेट्रोल-डीजल की बिक्री में 30 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई है। सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कालाबाजारी, अवैध भंडारण और पेट्रोलियम उत्पादों की डायवर्जन पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है।

उद्योग संगठनों से भी अपील की गई है कि वे अपने सदस्यों को केवल अधिकृत चैनलों से ही डीजल खरीदने की सलाह दें।

–आईएएनएस

डीबीपी


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