रामलला दर्शन से पहले कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल हाउस अरेस्ट, मीता गौतमपुरा ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप


लखनऊ, 30 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए जाने वाला था, लेकिन इससे पहले ही कई नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। इनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और पूर्व विधायक मीता गौतमपुरा भी शामिल हैं।

इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस की पूर्व विधायक मीता गौतमपुरा ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य केवल रामलला के दर्शन करना था, लेकिन प्रशासन द्वारा उन्हें रोका गया और घरों में नजरबंद कर दिया गया। उनके अनुसार, यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।

मीता गौतमपुरा ने कहा कि पुलिस पहले से ही उनके आवास पर मौजूद थी और रात से ही निगरानी शुरू कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि उनके साथ जाने वाले अन्य सांसदों और पूर्व विधायकों को भी रोका गया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर सरकार किस बात से डर रही है और क्या वह जनता से कुछ छिपाना चाहती है। उनके मुताबिक, आम नागरिकों को धार्मिक स्थलों के दर्शन से रोकना उचित नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्थिति इतनी संवेदनशील है कि लोगों को रामलला के दर्शन करने से रोका जा रहा है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार पर दादागीरी का आरोप लगाते हुए कहा कि यह कदम सरकार की असफलता को दर्शाता है और इससे लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रश्न उठते हैं।

राम मंदिर चढ़ावा मामले में दर्ज एफआईआर और आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर मीता गौतमपुरा ने इसे दिखावा करार दिया। उन्होंने कहा कि इसमें ऊपर से नीचे तक मिलीभगत हो सकती है और कुछ लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मिलीभगत है इसलिए बचा रहे हैं। यदि कोई और होता तो शायद अब तक बुलडोजर चल जाता या और कड़ी से कड़ी सजा दे दी गई होती।

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर यही मुस्लिम होते, तो उनको अभी तक गोली मार दी होती, पर प्रतिक्रिया देते हुए मीता गौतमपुरा ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी किसी धर्म या जाति के आधार पर राजनीति नहीं करती। उनके अनुसार, कांग्रेस सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कहीं न कहीं पक्षपात की स्थिति दिखाई देती है और कुछ मामलों में कार्रवाई को लेकर सवाल उठते हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा ही सुनिश्चित नहीं है तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।

वहीं, ओवैसी के बयान, “भाजपा को हराने के लिए किसी भी पार्टी से गठबंधन कर सकते हैं,” पर प्रतिक्रिया देते हुए मीता गौतमपुरा ने कहा कि यह उनकी पार्टी का दृष्टिकोण है, लेकिन कांग्रेस में निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व करता है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता होने के नाते वे नेतृत्व के निर्देशों का पालन करते हैं और गठबंधन जैसे बड़े निर्णय संगठन स्तर पर ही लिए जाते हैं।

–आईएएनएस

पीआईएम/पीएम


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