उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद मामूली बढ़त के साथ सपाट बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स में 43 अंकों की बढ़त


मुंबई, 10 अगस्त (आईएएनएस)। होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर अनिश्चितता के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार सपाट बंद हुआ। उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद सेंसेक्स और निफ्टी50 में मामूली बढ़त देखने को मिली।

इस दौरान, निफ्टी50 13.15 अंक यानी 0.05 प्रतिशत बढ़कर 24,583.80 पर बंद हुआ, तो वहीं सेंसेक्स 43.27 अंक यानी 0.06 प्रतिशत बढ़कर 78,542.44 पर पहुंच गया।

व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप में 0.62 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.27 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि दोनों सूचकांक अभी भी अपने-अपने रिकॉर्ड उच्च स्तरों के करीब कारोबार कर रहे हैं, जो व्यापक बाजार में बनी हुई मजबूती को दर्शाता है।

सेक्टरवार विश्लेषण करें तो निफ्टी पीएसयू बैंक में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई और यह सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बनकर उभरा। निफ्टी फार्मा और निफ्टी एफएमसीजी का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। वहीं, निफ्टी रियल्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया।

निफ्टी50 इंडेक्स में टाइटन, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, ग्रासिम और टाटा स्टील के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई, जबकि एसबीआई, इटरनल, आईटीसी, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, टीसीएस, विप्रो और कोल इंडिया के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले कारोबारी सत्रों में 24,750 से 24,800 का क्षेत्र निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस जोन बना रहेगा। यदि सूचकांक इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकने में सफल रहता है, तो यह आगे बढ़कर 24,950 और उसके बाद 25,100 के स्तर की ओर बढ़ सकता है।

दूसरी ओर, गिरावट की स्थिति में 24,450 से 24,420 का क्षेत्र निफ्टी के लिए निकटतम और मजबूत सपोर्ट जोन माना जा रहा है। जब तक सूचकांक इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार की व्यापक संरचना सकारात्मक बनी रहने की संभावना है।

–आईएएनएस

डीबीपी


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