छत्तीसगढ़: चिरायु योजना बच्चों के लिए संजीवनी, मुफ्त इलाज से मिला नया जीवन


रायपुर, 2 जून (आईएएनएस)। केंद्र सरकार और राज्य शासन की महत्वाकांक्षी चिरायु योजना वनांचल क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। ऐसे परिवार जो आर्थिक तंगी के कारण अपने बच्चों के गंभीर बीमारियों के इलाज में सक्षम नहीं थे, उन्हें अब निशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है।

छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में चिरायु टीम द्वारा अब तक 40 से अधिक बच्चों का सफल ऑपरेशन कराया जा चुका है। बच्चों के स्वस्थ होने के बाद परिजनों में खुशी का माहौल है और वे सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त कर रहे हैं।

दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले कई परिवार वर्षों से अपने बच्चों की जन्मजात और गंभीर बीमारियों से परेशान थे। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे समय में चिरायु योजना ने इन परिवारों को नई उम्मीद दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचकर बच्चों की पहचान कर रही है और उन्हें बेहतर चिकित्सा संस्थानों में निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

जिले में अब तक 40 से अधिक बच्चों का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है। उपचार के बाद बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिल रहा है। इससे परिजनों को न केवल आर्थिक राहत मिली है बल्कि उनके बच्चों को भी नया जीवन मिला है। योजना का लाभ मिलने के बाद ग्रामीण परिवार सरकार की इस पहल की सराहना कर रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि चिरायु योजना के माध्यम से जन्मजात हृदय रोग, कटे-फटे होंठ, सुनने की समस्या सहित कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की पहचान कर उनका उपचार कराया जा रहा है। आने वाले समय में भी जिले के अधिक से अधिक बच्चों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

बच्चों के परिजन ने आईएएनएस से बातचीत में बताया, “हम अपने बच्चे का इलाज कराने में सक्षम नहीं थे। चिरायु टीम ने मदद की, जांच कराई और ऑपरेशन भी कराया। आज हमारा बच्चा स्वस्थ है। इसके लिए हम सरकार और स्वास्थ्य विभाग का धन्यवाद करते हैं।”

गरीब परिवारों के लिए चिरायु योजना वास्तव में संजीवनी साबित हो रही है। जिन बच्चों के इलाज की उम्मीद परिजनों ने लगभग छोड़ दी थी, वे आज स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि वनांचल के परिवार सरकार और स्वास्थ्य विभाग को धन्यवाद देते नहीं थक रहे हैं।

परिजन जगन लाल ने आईएएनएस से बताया कि हमारे गांव में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने चिरायु योजना के बारे में जानकारी दी। चिरायु टीम की सदस्‍य ने रायपुर में इलाज के लिए भेजा। इसके बाद बच्‍चे को भर्ती किया गया और दो दिन तक इलाज के बाद बच्‍चा स्‍वस्‍थ है। बच्‍चे के वजन में कमी होने के कारण सामान्‍य बच्‍चों की तरह एक्टिव नहीं था।

परिजन लखन लाल ने बताया कि मेरे बच्‍चे को बार-बार निमोनिया हो जाता था। आंगनबाड़ी में बच्‍चों का स्‍वास्‍थ्‍य चेकअप कराया गया। चिरायु योजना की जानकारी मिलने के बाद हमने बच्‍चे के स्‍वास्‍थ्‍य जांच जिला अस्‍पताल में कराई। जांच में बच्‍चे के दिल में छेद की पुष्टि हुई। इसके बाद रायपुर के नारायणा अस्‍पताल में बच्‍चे का इलाज हुआ। अब मेरे बच्‍चे का स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा और निरोगी है।

लखन लाल ने इसके लिए सरकार को धन्‍यवाद देते हुए कहा कि चिरायु योजना के तहत बच्‍चे का इलाज करने वाले डॉक्‍टर और स्‍टॉफ नर्स का आभार व्‍यक्‍त किया।

चिरायु कार्यक्रम प्रभारी सुनील गायकवाड़ ने बताया कि केंद्र सरकार की महत्‍वाकांक्षी चिरायु योजना साल 2014 में लागू की गई। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के मानपुर ब्‍लॉक में इस योजना के तहत 2024-25 में जन्‍मजात हृदय रोग से ग्रसित 11 बच्‍चों और 2025-26 में 8 बच्‍चों का ऑपरेशन रायपुर के एनएचएम में कराया। पहले बच्‍चे की स्थिति गंभीर थी। बच्‍चों को बार-बार सर्दी, खांसी और बुखार होता था। सांस लेने में परेशानी और उम्र के लिहाज से वजन का न बढ़ना जैसी कई समस्‍याएं थी। वहीं ऑपरेशन के बाद अब बच्‍चे बेहतर हैं।

–आईएएनएस

एएसएच/एबीएम


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